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कोरबा में शादीशुदा प्रेमी द्वारा हमले में घायल युवती ने मंगलवार को इलाज के दौरान बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में दम तोड़ दिया

 

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बिलासपुर: प्रेमी के हमले में गंभीर रूप से घायल युवती 7 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही। आखिरकार युवती ने मंगलवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर चीरघर में रखवा दिया है।

जूना बिलासपुर करबला में रहने वाली निशा श्रीवास (22) पार्लर का काम करती थी। उसका सरकंडा के अशाेक नगर में रहने वाला शुभम नायडू (28) से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवक निजी बैंक में काम करता था। उसने प्रेम विवाह किया था जिससे एक बेटा भी है। शादी के कुछ दिनों बाद ही पत्नी के साथ उसका विवाद होने लगा।

मंगलवार तीन फरवरी को वह बाइक से निशा को अपने साथ कोरबा ले गया था। भारत माला रोड से होते हुए वह उरगा पहुंचा और यहां मडवारानी स्थित मंदिर गए। रात करीब दो बजे निशा जख्मी अवस्था में अपनी एक सहेली को वीडियो कॉल किया और घटना की जानकारी दी।

स्वजन को पता चलने पर तत्काल वे डायल 112 को इसकी सूचना दी और खुद भी मौके के लिए रवाना हुए। ग्राम संडैल में एक पुल के पास शुभम और निशा घायल अवस्था में पुलिस की टीम को मिले। जांच करने पर पता चला कि शुभम की मौत हो गई थी। वहीं, निशा की स्थिति नाजुक थी।

ऑपरेशन के बाद तबीयत में थी सुधार, फिर अचानक कोमा में गई

कोरबा में प्राथमिक उपचार के बाद उसे सिम्स रेफर कर दिया गया। इसके बाद से उसका सिम्स में इलाज चल रहा था। ऑपरेशन के बाद उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया। उसकी हालत में सुधार होने लगा था। दो दिन पहले अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद वह कोमा में चली गई थी।

डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया। आखिरकार मंगलवार की दोपहर युवती ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर चीरघर में रखवा दिया है।

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