नवापारा के इस सरकारी स्कूल के 1996 बैच ने दिए 3 साइंटिस्ट और 5 इंजीनियर

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नवापारा शासकीय हरिहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नवापारा के 1996 बैच के ने राजिम के प्रेम रतन पैलेस में गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की शुरुआत राज गीत से हुई। इसके बाद गुरुजनों का स्वागत सत्कार हुआ। गुरुजनों का स्वागत ढोल नगाड़ों और पुष्प वर्षा के साथ किया गया। इसके बाद गुरुजनों ने आशीष वचनों के जरिए एल्युमिनाई को आशीर्वाद दिया।
गुजरे पलों को किया याद
पूर्व छात्रों और उनके बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। शाम को सभी हरिहर स्कूल गए और वहां गुजारे पलों को याद किया। इस दौरान भावनाओं और पूर्व स्मृतियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का संचालन गजेन्द्र साहू और विवेक झाबक ने किया। गजेन्द्र ने छत्तीसगढ़ी रंग भरकर राजभाषा की महत्ता बढ़ाई।
कई सफल चेहरे
1996 बैच ने समाज को कई सफल चेहरे दिए हैं। इस बैच से 3 साइंटिस्ट, 5 इंजीनियर, 2 सीए, 16 शिक्षक, 2 पत्रकार और 1 वकील निकले हैं। इसके अलावा भी कई पूर्व छात्र विभिन्न क्षेत्रों में सफलता का परचम लहरा रहे हैं।
शिक्षक के दो पुत्र, एक संपत्ति और दूसरा ज्ञान का उत्तराधिकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व शिक्षक आरएन तिवारी ने कहा कि हर शिक्षक के दो पुत्र होते हैं। एक घर में, जो उसकी पैतृक संपत्ति का वारिस बनता है और दूसरा स्कूल में, जो उसके ज्ञान, संस्कार और अनुभव का उत्तराधिकारी होता है।
आरबी शर्मा ने कहा, आप लोग 30 साल बाद भी हमें याद रखे हुए हैं, सम्मान कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि हरिहर में संस्कार के जो बीज पड़े थे, वो आज फल-फूल रहे हैं। यूके चक्रवर्ती ने कहा कि जहां रहें खुश रहें। अपने परिवार का ध्यान रखें। एसके राठौड़ ने कहा, आज आपमें से कइयों में बदलाव देख रहा हूं, सिवाए भावनाओं के। ये भावनाएं बहुत कीमती हैं।
ज्योति चक्रवर्ती ने एक ही शब्द में सबका दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि बच्चों और बहुओं को प्यार, आप हमेशा खुश रहें।
एनके शर्मा, आरए शर्मा, बीडी शर्मा ने भी अपने विचार रखे। एसआर सोनने ने मदर्स डे पर गीत गाया। कार्यक्रम में एआर साहू, एनके शर्मा, आरएल साहू, बीडी शर्मा, ग्वाल सर, ज्योति चक्रवर्ती, अल्का सिंह, चौहान और गुप्ता मैडम, मीना गुप्ता, दीपिका सिंह आदि शिक्षक भी उपस्थित थे।
ये पहुंचे फैमिली समेत
प्रकाश यदु, पंकज बोथरा, अतुल शर्मा, आशीष शर्मा, रणजीत राय, यानेंद्र सिंहा, हरीश जगवानी, पीयूष गुप्ता, अशोक तिवारी, सुरेंद्र बैद, कैलाश काबरा अभिषेक जैन, तामेश्वर पाठक, अजय जैन, अजय मध्यानी, मनोज साहू कुर्रा, मनोज साहू चिपरीडीह, चंद्रेश सोनी, भरत मेघवानी, किशोर साहू, जीवन सेवानी, प्रमोद पारख, पूरण लालवानी, अनिल जैन, अनिल छाबड़ा, दीपक गुप्ता, प्रदीप जीवन, डोमन साहू, नरेश गोविंदानी, कैलाश साहू, खेमलाल साहू, नारायण पाटकर, नंदकुमार सोनी, पूनम लुंकड़, असीम थवाईत, राहुल द्विवेदी, रोहित बांसवार, नीलमणि साहू, संदीप टिकरिहा, संतोष नारवानी, उपेंद्र नगरिया, सचिन साहू, वासु सोन, उमेश जैन, भगत जगवानी, व्यास कंसारी, वीरेंद्र देवांगन।
इन्होंने दी प्रस्तुति
प्रकाश यदु ने पत्नी संग युगल गीत “तुमसे मिलकर” गाया। नम्रता यदु ने सोलो सॉन्ग “तूने ओ रंगीले” प्रस्तुत किया। राम नारायण ने “सुनैना” तो गिरीश ने “पापा कहते हैं” से माहौल बनाया। शुभ झाबक ने पिता-पुत्र रिश्तों पर हास्य व्यंग्य पेश किया। विवेक झाबक ने माउथ ऑर्गन पर “ये दोस्ती” गीत की धुन बजाई। शिव गुप्ता ने दोस्ती की परिभाषा आध्यात्मिकता से जोड़ते हुए दी। गजेन्द्र साहू ने हरिहर शब्द का अर्थ बताते हुए कहा कि हरि यानी विष्णु (भगवान राजीवलोचन) और हर का अर्थ महादेव (कुलेश्वरनाथ) से है। नवापारा राजिम में दोनों देवों का स्थान होने के कारण स्कूल का नाम हरिहर रखा गया है।



