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पुजारी पार्क से कलश मॉल व भनपुरी चौक और बिरगांव चौक के बीच नया फ्लाईओवर बनाने की तैयारी

 

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रायपुर। राजधानी रायपुर के दो प्रमुख सबसे अधिक ट्रैफिक वाले पचपेड़ी नाका और बिलासपुर रोड के भनपुरी चौक और बिरगांव चौक पर पीडब्ल्यूडी का फ्लाई ओवर निर्माण कराने का प्लान है। पीडब्ल्यूडी ब्रिज के कार्यपालन अभियंता बीके गोठी ने बताया कि पचपेड़ी नाका रोड और बिलासपुर रोड पर बिरगांव चौक में नए फ्लाईओवर के लिए फाउंडेशन टेस्ट और सर्वे कराया जा रहा है। इसी से लागत का अनुमान लगेगा और इसके बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
पचपेड़ी नाका रोड पर पुजारी पार्क से फ्लाई ओवर बनना शुरू होगा और पचपेड़ी नाका पुल के ऊपर से होकर सीधे कलश मॉल के सामने उतरेगा। यह फ्लाई ओवर पचपेड़ी नाका ओवरब्रिज से 20 फीट की ऊंचाई से निकलेगा ताकि भारी-भरकम ट्रक और बसें आसानी से निकल सकें। इसी तरह बिलासपुर रोड पर भनपुरी चौक और बिरगांव चौक में फ्लाई ओवर का निर्माण प्रस्तावित है। दोनों फ्लाई ओवर निर्माण को ट्रैफिक सुधार की दिशा में ठोस कदम माना जा रहा है क्योंकि इन दोनों सड़कों पर सबसे अधिक करीब सवा लाख वाहनों का ट्रैफिक रोज होता है। बताया जा रहा है कि

कालीबाड़ी-जगदलपुर रोड पर पचपेड़ी नाका ओवरब्रिज के बॉक्स के नीचे से लेकर रामकृष्णा हास्पिटल के टर्निंग रोड तक हमेशा ट्रैफिक जाम के हालत बनते हैं क्योंकि बाइक, कारों के अलावा सबसे अधिक बसें राजिम, गरियाबंद, धमतरी और जगलपुर के बीच इसी रोड से होकर जाती और आती हैं। इसी बीच भारी-भरकम ट्रकों की भी आवाजाही से हमेशा दुर्घटना का खतरा होता है। पीडब्ल्यूडी ब्रिज परिक्षेत्र के प्लाटिंग के मुताबिक पुजारी पार्क से कलश मॉल तक यह फ्लाईओवर 1200 से 1300 मीटर लंबा होगा और इसकी चौड़ाई साढ़े 13 मीटर होगी। यानी कि कालीबाड़ी तरफ का ट्रैफिक पुजारी पार्क के पास ब्रिज पर चढ़ेगा और जगदलपुर तरफ से आने वाला ट्रैफिक कलश मॉल के पास बिज से सीधे पुजारी पार्क के पास उतरेगा। इससे कालीबाड़ी चौक से देवपुरी, बोरियाकला, अभनपुर तक आवाजाही करने वालों को काफी सुविधा होगी।

पीडब्ल्यूडी के बजट में भनपुरी चौक में ओवरब्रिज बनाने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह बिरगांव चौक में भी ब्रिज निर्माण कराने का प्लान है। इस जगह के साथ ही पचपेड़ीनाका रोड पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए ड्राइंग-डिजाइन और एस्टीमेट बनाने के लिए सर्वे और स्वाइल टेस्ट कराने का काम शुरू किया गया है। इससे निर्माण में कितने करोड़ की लागत आएगी। इसका अनुमान हो जाएगा फिर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा और मंजूरी मिलने पर निर्माण का रास्ता साफ होगा।

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