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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नई व्यवस्था:गुमशुदगी पर सिर्फ शिकायत नहीं FIR भी; 14 दिन में 16 केस दर्ज

 

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छत्तीसगढ़ ।  महिला हो या पुरुष, बालिग हो या नाबालिग… किसी भी व्यक्ति के गुम होने की सूचना मिलने पर अब पुलिस सिर्फ गुम इंसान कायमी तक मामला सीमित नहीं रख सकेगी। एफआईआर दर्ज कर गुम व्यक्ति की तलाश के साथ जांच भी करनी होगी। जरूरत पड़ने पर चार्जशीट भी पेश की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने यह नई व्यवस्था लागू की है। प्रदेश में 14 दिनों में 60 से ज्यादा केस और रायपुर में 16 एफआईआर दर्ज हुई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पहले गुम इंसान कायमी की जा रही है, इसके बाद केस दर्ज किया जा रहा है। दरअसल, नाबालिग के गायब होने पर अपहरण का केस दर्ज किया जाता है। अब बालिग के गायब होने पर भी संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है।

गुमशुदगी की एफआईआर के बाद विवेचना की कानूनी जिम्मेदारी पुलिस की होगी। पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि व्यक्ति किन परिस्थितियों में लापता हुआ और उसके साथ अपराध तो नहीं हुआ। जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, लेनदेन और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा सकेगी। संदिग्ध लोगों से पूछताछ और संभावित ठिकानों की तलाश भी इसका हिस्सा होगी।

गुम इंसान की जांच के साथ चार्जशीट भी पेश करेगी पुलिस

पु​रानी प्रक्रिया बदली पुलिस कमिश्नरी में भी गुमशुदगी के मामलों को केवल मिसिंग पर्सन रिपोर्ट तक सीमित रखने की पुरानी प्रक्रिया बदली गई है। डीडी नगर, कोतवाली, राजेंद्र नगर समेत कई थानों में एक-एक मामले में धारा 140(3) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

अधिवक्ता सजा के साथ जुर्माना भी नाबालिगों के लापता होने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया जाता है। बीएनएस की धारा 137 में अपहरण से संबंधित प्रावधान हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशों के बाद गुमशुदगी के मामलों में धारा 140(3) के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज की जा रही है। इस अपराध में 7 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

जानिए… सुप्रीम कोर्ट के निर्देश: सुप्रीम कोर्ट ने जी. गणेश बनाम तमिलनाडु राज्य मामले में निर्देश दिए हैं कि किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना पर पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करे और जांच के नाम पर कार्रवाई में देरी न हो। कोर्ट ने लापता बच्चों के अपहरण और मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए पुलिस की जवाबदेही तय की है। इससे पहले 2012 में बचपन बचाओ आंदोलन बनाम भारत सरकार मामले में लापता बच्चों के मामलों में FIR करने के निर्देश दिए गए थे।

आंकड़ों में… एक लाख लोग लापता प्रदेश में 2021 से जून से अब तक 1,03,766 लोगों के गुम होने की शिकायत दर्ज हुई। इनमें 87,035 को खोज लिया गया, जबकि 16,731 लोग लापता हैं। रायपुर में 15,632 मामले दर्ज, जिनमें 3 हजार से अधिक की तलाश जारी है।

गुम व्यक्ति की तलाश में टीम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस कमिश्नरी में गुम इंसान की शिकायत पर केस दर्ज किया जा रहा है। गुम व्यक्ति की तलाश में टीम लगाई जा रही है।

ड्यूटी के लिए निकला युवक 3 दिन से लापता, खारुन किनारे मिली बाइक-बैग  

उरला में खारुन नदी किनारे एक युवक की बाइक और बैग मिला है। युवक तीन दिनों से लापता है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि बंजारी नगर निवासी अभिषेक मेहता (25) उरला स्थित भाग्य लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट में काम करता है। वह रोज की तरह सोमवार सुबह 10.30 बजे घर से ड्यूटी के लिए निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। देर रात तक परिजन उसे फोन लगाते रहे, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि अभिषेक की बाइक और बैग खारुन नदी किनारे मिले हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बाइक और बैग बरामद कर लिया। अभिषेक की तलाश की जा रही है।

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