छत्तीसगढ़प्रमुख खबरें

मंत्री रामविचार नेताम और प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने संयुक्त प्रेसवार्ता में रखीं आदिम जाति विकास विभाग की उपलब्धियां

छत्तीसगढ़ में आदिवासी विकास को मिली नई गति, मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में ढाई वर्षों में हुए ऐतिहासिक कार्य

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रायपुर, सरकार के पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल में आदिवासी समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। आज छत्तीसगढ़ संवाद के आडिटोरियम में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री रामविचार नेताम एवं प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने एक संयुक्त प्रेसवार्ता में विभाग की बहुआयामी उपलब्धियों और भावी योजनाओं का पूरा ब्यौरा साझा किया।

राज्य की 43 जनजातियों के उपसमूहों के विकास के लिए कई अभिनव योजनाएं   

मंत्री  नेताम  ने बताया कि प्रदेश की कुल आबादी का लगभग 30.62 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जनजाति वर्ग का है। विभाग द्वारा राज्य की 43 जनजातियों एवं उनके उपसमूहों के विकास के लिए कई अभिनव योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर बनाना है।

शिक्षा और छात्रवृत्ति के क्षेत्र में बड़ा सुधार

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली में व्यापक सुधार करते हुए अब समयबद्ध ऑनलाइन डीबीटी भुगतान सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2025-26 में 84 हजार 702 विद्यार्थियों को 94.57 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। राज्य में वर्तमान में 2,817 आश्रम एवं छात्रावास संचालित हैं, जहाँ लाखों छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवासीय सुविधाएं पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से दी जा रही हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर चमके एकलव्य विद्यालयों के सितारे

प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि प्रदेश में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 27 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने न केवल राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई है, बल्कि राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में 55 स्वर्ण, 43 रजत और 64 कांस्य (कुल 162 पदक) जीतकर छत्तीसगढ़ को देश में दूसरा स्थान दिलाया है।

युवाओं के लिए प्रयास और अब नई सीजी एसीई योजना

आदिवासी युवाओं को प्रशासनिक व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के योग्य बनाने के लिए श्युवा करियर निर्माण योजनाश् के तहत अब तक 164 युवाओं का चयन अखिल भारतीय एवं राज्य स्तरीय सेवाओं में हो चुका है। सरकार आगामी वर्ष से इसे और व्यापक रूप देते हुए सीजी-एसीई (ब्ळ-।ब्म्) योजना के रूप में शुरू करने जा रही है। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालय, खेल परिसर और विशेष शिक्षण केन्द्रों के माध्यम से भी मदद दी जा रही है।

वनाधिकार और संस्कृति का संरक्षण

वन अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में 4.28 लाख से अधिक व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे और हजारों सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र दिए जा चुके हैं। वनाधिकार से जुड़े 19 हजार मामलों में से 16 हजार से अधिक का त्वरित निराकरण किया गया है। आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए देवगुड़ी निर्माण एवं मरम्मत योजना, जनजातीय गौरव दिवस और शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव जैसे आयोजन किए जा रहे हैं।

पीएम-जनमन में छत्तीसगढ़ अव्वल

विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए शुरू किए गए पीएम-जनमन (प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान) के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।

बजट में भारी-भरकम प्रावधान और आगामी योजनाएं

बस्तर, सरगुजा तथा मध्य क्षेत्र के विकास के लिए अधोसंरचना कार्यों को तेज कर दिया गया है। वर्ष 2026-27 के बजट में विभाग के लिए 2,136.26 करोड़ रुपए तथा जनजातीय उपयोजना के अंतर्गत 42,165.95 करोड़ रुपए का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। आगामी वर्ष की प्रमुख परियोजनाएं में कोरबा में नया खेल परिसर, बीजापुर में 500 सीट की क्षमता वाला नया प्रयास आवासीय विद्यालय, नारायणपुर एवं सुकमा में सर्वसुविधायुक्त एजुकेशन सिटी, छात्रावासों-आश्रमों के नए भवनों का निर्माण और शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण शामिल हैं।

इस प्रेसवार्ता के दौरान अंत्याव्यवसायी वित्त एवं विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति विभाग के आयुक्त  राहुल वेंकट और टीआरटीआई की संचालक हीना अनिमेष नेताम भी विशेष रूप से उपस्थित थीं।

Related Articles

Back to top button