महापौर बोलीं- रायपुरा-चंगोराभाठा जल कनेक्शन अलग करें:टैंकर बढ़ाने पर भी जोर, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

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रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने शहर में गहराते जल संकट को लेकर अधिकारियों पर सख्ती दिखाई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत करीब 45 लाख रुपए की राशि से रायपुरा और चंगोराभाठा के जलप्रदाय कमांड एरिया को अलग किया जाए, ताकि पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
महापौर ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही वर्तमान जल संकट की स्थिति बनी है। चंगोराभाठा क्षेत्र में जरूरत के मुताबिक तत्काल टैंकर उपलब्ध कराने और उपयुक्त स्थानों पर पानी टंकियां स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर तकनीकी परीक्षण कर नई पानी टंकी निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने की बात भी कही गई है।
दो दिन लगातार दौरा, अधिकारियों को लगाई फटकार महापौर ने लगातार दो दिनों तक चंगोराभाठा क्षेत्र का दौरा कर जल समस्या की समीक्षा की। नगर निगम जोन-8 कार्यालय में पार्षदों और अधिकारियों की बैठक लेकर उन्होंने साफ कहा कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना गंभीर लापरवाही है।
उन्होंने बताया कि पहले स्वीकृत 90 लाख रुपए के कार्य बिना उचित प्लानिंग के किए गए, जिसके चलते आज जल संकट गहराया है।

नई पाइपलाइन से अलग होंगे दोनों क्षेत्र रायपुरा और चंगोराभाठा के जलप्रदाय क्षेत्र को अलग करने के लिए डीआई पाइपलाइन बिछाने का टेंडर 23 अप्रैल 2026 को जारी किया गया है, जबकि इसे 25 मई 2026 को खोला जाएगा।
वर्तमान में 32 लाख लीटर क्षमता वाली चंगोराभाठा पानी टंकी से जोन-5 के कई वार्डों भक्त माता कर्मा वार्ड 67, डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड 68 और माधवराव सप्रे वार्ड 69 में पानी सप्लाई हो रही है। साथ ही भाठागांव टंकी से भी आंशिक जल आपूर्ति होती है।
महापौर ने निर्देश दिए हैं कि रायपुरा पानी टंकी से पाइपलाइन विस्तार कर दोनों टंकियों के कमांड एरिया को अलग किया जाए, जिससे सप्लाई व्यवस्था बेहतर हो सके।
जल आपूर्ति प्राथमिकता, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
महापौर ने गर्मी में पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिकारियों को सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई पाइपलाइन बिछाने या नए कनेक्शन देने से पहले जल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि पुराने उपभोक्ताओं की सप्लाई प्रभावित न हो।
साथ ही चेतावनी दी कि जल समस्या से जुड़ी शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



