न्यूनतम मजदूरी दर में बढ़ोतरी करे सरकार – शब्बीर अहमद

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
रायपुर। कांग्रेस असंगठित मजदूर समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव शब्बीर अहमद ने कहा है कि आज के समय में महंगाई लगातार बढ़ रही है — खाने-पीने की चीज़ें, किराया, दवाई, बच्चों की पढ़ाई, बिजली-पानी सब महंगे होते जा रहे हैं। ऐसे में मजदूरी करने वाले मजदूर वर्ग के हित में केवल मजदूरी बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि कई जरूरी कदम एक साथ उठाने चाहिए।
न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी
सरकार को समय-समय पर महंगाई के अनुसार न्यूनतम मजदूरी बढ़ानी चाहिए ताकि मजदूर अपने परिवार का सही पालन-पोषण कर सके। और साथ में महंगाई भत्ता भी देना चाहिए ।
रोजगार की स्थिरता
ठेका प्रथा और अस्थायी काम के कारण मजदूर असुरक्षित महसूस करते हैं। स्थायी रोजगार और समय पर वेतन मिलना जरूरी है।
मुफ्त या सस्ती स्वास्थ्य सुविधा
मजदूर परिवारों के लिए सरकारी अस्पतालों में अच्छी और सस्ती चिकित्सा व्यवस्था होनी चाहिए। स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ सभी तक पहुँचना चाहिए।
बच्चों की शिक्षा पर सहायता
मजदूरों के बच्चों को छात्रवृत्ति, मुफ्त किताबें और अच्छी शिक्षा मिले ताकि अगली पीढ़ी गरीबी से बाहर निकल सके।
राशन और आवास सुविधा
गरीब और मजदूर परिवारों को सस्ता राशन, किराये में राहत और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं का सही लाभ मिलना चाहिए।
कौशल प्रशिक्षण (Skill Development)
मजदूरों को नई तकनीक और काम का प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे अधिक आय वाले कार्य कर सकें।
मजदूरों की एकता और जागरूकता
मजदूरों को अपने अधिकारों की जानकारी होना बहुत जरूरी है — जैसे PF, ESI, बोनस, छुट्टी और सुरक्षा कानून।
NGO और सामाजिक संस्थाओं की भूमिका
सामाजिक संस्थाएँ मजदूरों को रोजगार, प्रशिक्षण, कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर सकती हैं। इससे मजदूर आत्मनिर्भर बनते हैं।



