रेल मण्डल से लेकर केंद्रीय जेल तक योगमय:650 से अधिक बंदियों ने किया योग, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली का दिया संदेश


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को रायपुर में अलग-अलग संस्थानों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल और केंद्रीय जेल रायपुर में बड़े स्तर पर योग

शिविर आयोजित कर लोगों को योग के महत्व से अवगत कराया गया। दोनों कार्यक्रमों में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित योग करने का संदेश दिया गया।
रायपुर रेल मंडल में डीआरएम दयानंद ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया। दयानंद ने कहा कि योग स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन का आधार है। योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल कर स्वस्थ कार्यशैली विकसित की जा सकती है।
उन्होंने कर्मचारियों और उनके परिवारजनों से नियमित योग करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कोलकाता में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस कार्यक्रम का प्रसारण भी देखा और उनका संबोधन सुना।
केंद्रीय जेल में 650 बंदियों ने किया योग
वहीं केंद्रीय जेल रायपुर में आयोजित विशेष योग शिविर में 500 पुरुष और 150 महिला बंदियों सहित कुल 650 बंदियों ने भाग लिया। सुबह 7 बजे से 8:15 बजे तक चले योग सत्र में आर्ट ऑफ लिविंग के योग प्रशिक्षक अनिल अग्रवाल और उनकी टीम ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया।
योग शिविर का उद्देश्य बंदियों को तनाव, अवसाद और नकारात्मक विचारों से दूर कर उनमें आत्मविश्वास, आत्म-अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करना था।
इस दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और ध्यान का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने योग के शारीरिक और मानसिक लाभों की जानकारी भी दी।
योग से बेहतर जीवन की सीख
जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता और जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने बंदियों को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। हिमांशु गुप्ता ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवनशैली का मार्ग दिखा रही है।
जेल प्रशासन बंदियों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम के अंत में बंदियों को नियमित योगाभ्यास, नशामुक्त जीवन और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई।



