छत्तीसगढ़प्रमुख खबरें

एबीवहीपी ने दृष्टि बाधित विद्यालय की समस्याओं के समाधान हेतु कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

जगदलपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बस्तर ने आड़ावाल स्थित शासकीय दृष्टि बाधित विद्यालय में विद्यार्थियों को हो रही परेशानियों एवं कथित अनियमितताओं के संबंध में बुधवार को बस्तर कलेक्टर के नाम तहसीलदार जगदलपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। लंबे समय तक समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण एबीवीपी कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद सदस्य एवं बस्तर विभाग संयोजक शैलेष ध्रुव ने कहा कि विद्यार्थियों की शिकायत के अनुसार विद्यालय में मानसिक प्रताडऩा, जातिसूचक अपशब्दों के प्रयोग, टीसी देने की धमकी, भोजन की खराब गुणवत्ता तथा स्कूल खुलने से अबतक चादर-कंबल की नियमित सफाई नहीं होने जैसी समस्याएं हैं। हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान एवं राजनीति विज्ञान के शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। सबसे गंभीर मामला छह विद्यार्थियों का है, जिन्हें गर्मी की छुट्टियों के दौरान बिना पूर्व जानकारी दिए डाक के माध्यम से घर पर स्थानांतरण प्रमाण पत्र भेजे जाने की शिकायत है। अन्य विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिल पाने के कारण ये विद्यार्थी फिलहाल पढ़ाई से वंचित हैं। विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत करने पर उन्हें आदिवासी होने को लेकर अपमानजनक बातें कही जाती हैं और घर भेजने की धमकी दी जाती है।

एबीवहीपी ने मांग की है कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा प्रभावित छह विद्यार्थियों की पढ़ाई दोबारा शुरू कराने के लिए उचित व्यवस्था की जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया, तो विद्यार्थी परिषद लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस दौरान छात्रनेता अश्विन पीले, टेमन मंडल, गजेंद्र सोनी, नुशांत जोशी, रघुराज कश्यप, प्रशांत लटिया, सुजल सेठिया, योगेश ठाकुर, गोविंद तिवारी, निखिल नायर, तन्मय समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button