मत्स्य उत्पादन क्लस्टर के रुप में अमारु को किया जा रहा है विकसित
इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के तहत 12 हजार तक मत्स्य स्पॉन का संचयन, ग्रामीणों की आय बढ़ाने की पहल

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे के निर्देशन में जिले में ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकासखंड पेंड्रा के ग्राम पंचायत अमारू को इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) के अंतर्गत मत्स्य पालन प्रोडक्शन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। अमारू के तालाब में लगभग 10 से 12 हजार मत्स्य स्पॉन (फिश स्पॉन) का संचयन किया गया।

इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज का उत्पादन कर मत्स्य पालन आधारित आजीविका को सुदृढ़ बनाना तथा ग्रामीणों की आय में वृद्धि करना है। मत्स्य स्पॉन के फिंगरलिंग के रूप में विकसित होने के बाद इन्हें आईएफसी क्लस्टर से जुड़े मत्स्य पालन उद्यमियों एवं स्व-सहायता समूहों को उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल ग्रामीण परिवारों के लिए सतत आजीविका, रोजगार सृजन, स्वरोजगार एवं मत्स्य पालन आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। साथ ही क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन की क्षमता बढऩे से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों और तकनीकी दल ने उपस्थित ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को मत्स्य पालन गतिविधियों के सफल संचालन, मत्स्य बीज उत्पादन तथा क्लस्टर के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।



