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जुलाई से प्रस्तावित बिजली दरों में वृद्धि के विरोध में आम आदमी पार्टी ने दिया ज्ञापन

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रायपुर,1 जुलाई से छत्तीसगढ़ में आम उपभोक्ताओं को बिजली का झटका देने का फैसला राज्य की भाजपा सरकार ने कर लिया है। इसके विरोध में आज आम आदमी पार्टी ने वितरण कंपनी के एम डी को ज्ञापन देकर सरकार से बिजली दर ना बढ़ाने का पत्र दिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरप्लस राज्य छत्तीसगढ़ में फिर से घरेलू बिजली दरों में वृद्धि करना राज्य के आम उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है। विदित हो कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश में 1 जुलाई 2026 से घरेलू बिजली दरों में 6.23% की वृद्धि कर दी है जिससे घरेलू बिजली 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो जाएगी। वहीं गैर घरेलू बिजली 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट भी बढ़ाई गई है। किसानों को क़ृषि पम्प पर भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। एक तरफ छत्तीसगढ़ सरप्लस राज्य है उसके बावजूद सरकार द्वारा बिजली दर बढ़ाना समझ से परे है । जहां सरकार 3200 करोड़ बड़े बकायादारों का बिल वसूल नहीं पा रही है लेकिन दूसरी तरफ आम जनता पर बिजली दलों की वृद्धि कर बोझ बढ़ा रही है।

आम आदमी पार्टी की ओर से ज्ञापन देने के लिए सूरज उपाध्याय, विजय झा,अनुषा जोसेफ़,मिहिर कुर्मी, नंदन सिंह,रिज़वान शरीफ, स्वाति तिवारी,इमरान खान, शिव शर्मा, सागर क्षीरसागर, वीरेंद्र पवार,बलवंत सिंह,विकास दास मानिकपुरी, प्रकाश चक्रधारी राजा आदि शामिल रहे।

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