फर्जी ट्रांसफर आदेश और कथित लेन-देन ने BJP सरकार के भ्रष्टाचार का चेहरा किया उजागर : भुनेश्वर सिंह डहरिया
BJP नेताओं पर कथित लाखों रुपये के लेन-देन का आरोप, फर्जी आदेश मामले में निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

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बलौदाबाजार। आम आदमी पार्टी जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के जिलाध्यक्ष भुनेश्वर सिंह डहरिया ने फर्जी ट्रांसफर आदेश के सामने आए मामले को लेकर BJP सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर जमकर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार जिले में BJP के जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पूनीराम पटेल पर स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ कर्मचारी के कथित ट्रांसफर के नाम पर लाखों रुपये लेने और उसके बाद फर्जी ट्रांसफर आदेश जारी होने के आरोप बेहद गंभीर हैं। यह पूरा मामला केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं माना जा सकता, बल्कि इसकी निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाना जरूरी है कि इस पूरे प्रकरण में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
भुनेश्वर सिंह डहरिया ने कहा कि यदि जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नाम से फर्जी आदेश तैयार होकर संबंधित कर्मचारी के हाथ तक पहुंच सकता है, तो यह स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक नियंत्रण पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर विभागीय दस्तावेजों और अधिकारियों के हस्ताक्षर/आदेशों की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर कैसे हो सकती है?
उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि क्या यह पहली घटना है या इससे पहले भी इसी तरह फर्जी आदेश जारी किए गए हैं। इसलिए पूरे स्वास्थ्य विभाग में जारी ट्रांसफर और पदस्थापना आदेशों की भी जांच की जानी चाहिए।
सिर्फ निष्कासन से BJP की जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी
AAP जिलाध्यक्ष ने कहा कि घटना सामने आने के बाद BJP द्वारा संबंधित नेताओं के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। सिर्फ पार्टी से निष्कासित कर देने से जनता के सवाल खत्म नहीं होंगे। यदि किसी सरकारी कर्मचारी से ट्रांसफर के नाम पर पैसे लेने का आरोप है और फर्जी सरकारी आदेश जारी हुआ है, तो इसकी निष्पक्ष आपराधिक जांच होनी चाहिए। जनता जानना चाहती है कि इस पूरे खेल के पीछे कौन-कौन लोग हैं और फर्जी आदेश किसके संरक्षण में तैयार हुआ?”
उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ सरकारी व्यवस्था में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
भुनेश्वर सिंह डहरिया ने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले में यदि एक सहायक चिकित्सक डॉ. करण कुमार देवांगन कथित तौर पर फर्जी ट्रांसफर आदेश अपने अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर देता है, तो यह विभागीय अनुशासन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का काम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि विभाग के भीतर ही फर्जी दस्तावेजों और कथित लेन-देन जैसी घटनाएं सामने आएंगी, तो आम जनता का सरकारी व्यवस्था से भरोसा कैसे कायम रहेगा?
उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर मरीजों से कथित अतिरिक्त राशि वसूले जाने की शिकायतों की भी जांच की मांग की और कहा कि गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।
प्रभारी मंत्री से मांगा जवाब
AAP जिलाध्यक्ष ने कहा कि बलौदाबाजार जिले के प्रभारी मंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रभार वाले जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा ऐसा मामला सामने आना बेहद गंभीर है।
उन्होंने कहा—
“जब प्रभारी मंत्री के जिले में स्वास्थ्य विभाग के नाम पर फर्जी आदेश और कथित लेन-देन के आरोप सामने आ रहे हैं, तो सरकार को जवाब देना चाहिए कि आखिर प्रशासनिक व्यवस्था किसके नियंत्रण में है?”
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो BJP नेताओं, संबंधित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों तथा फर्जी आदेश तैयार करने या उसमें सहयोग करने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा मामले में की जा रही कार्रवाई की भी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसे किसी राजनीतिक संरक्षण के बिना कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।
AAP का सवाल—फर्जी आदेश बना कैसे और किसके इशारे पर? भुनेश्वर सिंह डहरिया ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए कहा
“सरकारी विभाग के नाम से फर्जी ट्रांसफर आदेश तैयार हुआ तो आदेश तैयार किसने किया? विभागीय दस्तावेजों की जानकारी बाहर कैसे पहुंची? कथित लेन-देन किसके माध्यम से हुआ? और यदि इसमें अन्य लोग शामिल हैं तो अब तक उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”
उन्होंने कहा कि जनता को केवल दो नेताओं के निष्कासन की खबर देकर गुमराह नहीं किया जा सकता। जनता पूरे मामले की सच्चाई और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई चाहती है।
आम आदमी पार्टी की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जाए और स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त कथित अनियमितताओं पर भी तत्काल रोक लगाई जाए।



