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गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल लेकिन केवल गीला- सूखा नहीं अब रायपुर में सेनेटरी- स्पेशल कचरा भी करना होगा अलग

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रायपुर। रायपुर शहर में स्वच्छता की दिशा में कदम उठाते हुए नगर निगम ने कचरा प्रबंधन के नए नियमों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए जोन-1 स्थित ‘साम्राज्य’ और ‘अनुग्रह रेसिडेंसी’ सोसायटियों को मॉडल के रूप में विकसित किया गया है।
इन दोनों बल्क वेस्ट जनरेटर सोसायटियों में 200 से अधिक परिवार निवास करते हैं, जो अब से अपने कचरे को चार श्रेणियों गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाला कचरा में पृथक करके ही रामकी कंपनी को सौंपेंगे।
कर्मचारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी योगेश कडू ने बताया कि इन सोसायटियों को मॉडल बनाने का उद्देश्य शिक्षित और प्रोफेशनल परिवारों के बीच जागरूकता फैलाना है। इसके लिए रामकी कंपनी के कर्मचारियों और स्वच्छता दीदियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वच्छता दीदियां न केवल कचरा संग्रह करेंगी, बल्कि घर-घर जाकर नागरिकों को नए नियमों के प्रति जागरूक भी करेंगी। नगर निगम के स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई भी परिवार मिश्रित कचरा देता है, तो उस पर तत्काल जुर्माना लगाया जाएगा।
व्हील गैंग के कर्मचारी इकट्ठा करेंगे कचरा
इस नई प्रणाली के तहत, जिन गलियों में रामकी कंपनी के वाहन सीधे नहीं पहुंच पाते, वहां ‘व्हील गैंग’ के माध्यम से कचरा एकत्र कर मुख्य वाहनों तक पहुँचाया जाएगा, जिससे शहर में कहीं भी कचरे के ढेर न लगें। वर्तमान में निगम पूरे शहर में जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके साथ ही, 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटरों का ऑनलाइन पंजीयन भी कराया जा रहा है।
पूरे रायपुर में की जाएगी यही व्यवस्था अनिवार्य
हालांकि, अभी तक ऑनलाइन प्रणाली का लॉगिन और पासवर्ड प्राप्त न होने से प्रक्रिया में थोड़ी चुनौती है, लेकिन निगम इसे जल्द ही दुरुस्त करने का दावा कर रहा है। आने वाले समय में, इन दो सोसायटियों की सफलता के आधार पर, रायपुर की अन्य आवासीय कॉलोनियों में भी यह चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण प्रणाली अनिवार्य कर दी जाएगी। सरकार ने अभी अतिरिक्त यूजर चार्ज की दरें तय नहीं की हैं, लेकिन जल्द ही नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।




