छत्तीसगढ़प्रमुख खबरें

24 घंटे निगरानी की जाए’, अवैध रेत खनन पर गवर्नर का अधिकारियों को सख्त निर्देश, कहा- तल्कात लें कड़े फैसले

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रायपुर: छत्तीसगढ़ में अवैध रेत उत्खनन को लेकर राज्य के राज्यपाल रमेन डेका ने चिंता जाहिर की है। राज्य की नदियों में हो रहे अवैध और अनियमित रेत खनन को लेकर उन्होंने अधिकारियों को ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है। राज्यपाल ने कहा कि अत्यधिक खुदाई से नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बदल रहा है और इनके पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

लोकभवन में हुई थी बैठक

लोक भवन में हुई बैठक के दौरान राज्यपाल ने राज्य के खनिज संसाधन विभाग के सचिव पी दयानंद से इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की और विभाग को अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पर्यावरण और जल संसाधनों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि रेत विकास और अवसंरचना परियोजनाओं के लिए एक आवश्यक खनिज है, लेकिन इसका अंधाधुंध और अनियंत्रित दोहन गंभीर पारिस्थितिक क्षति का कारण बन रहा है।

बदल रहा है नादियों का स्वरूप

उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में रेत खनन केवल वैज्ञानिक, योजनाबद्ध और विनियमित तरीके से किया जाए ताकि विकास संबंधी आवश्यकताओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाये रखा जा सके। अवैध खनन के प्रतिकूल प्रभावों पर राज्यपाल ने कहा कि अत्यधिक खुदाई से नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बदल रहा है और इनके पर्यावरणीय संतुलन पर बुरा असर पड़ रहा है।

जल संग्रहण क्षमता कम हो रही है

राज्यपाल के हवाले से कहा गया है कि नदी-तल में खुदाई से इनकी जल-संग्रहण क्षमता कम हो रही है। नदियों और प्रमुख झरनों की जल वहन क्षमता को संरक्षित करने और भूजल पुनर्भरण में सुधार के लिए दीर्घकालिक और प्रभावी उपाय आवश्यक हो गए हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को रेत खनन गतिविधियों से संबंधित वैज्ञानिक अध्ययन और सर्वेक्षण करने में शामिल किया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button