दंतेवाड़ा: नियमों को ठेंगा दिखा रहा मेडिकल वेस्ट का ढेर, शहर में संक्रमण का खतरा

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दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा नगरपालिका क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की बदहाली इन दिनों स्थानीय निवासियों और पर्यावरण के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. शहर के रिहायशी इलाकों के साथ-साथ निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब से निकलने वाला खतरनाक मेडिकल वेस्ट खुले में फेंका जा रहा है.
बालूद गांव के समीप डंप किए जा रहे इस कचरे में प्रयुक्त सुइयां, ब्लेड और संक्रमित पट्टियां सामान्य कचरे के साथ बिखरी पड़ी हैं, जिससे क्षेत्र में हेपेटाइटिस और अन्य गंभीर संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका गहरा गई है.
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण करने के बजाय उसे खुले में जलाया जा रहा है. इस जहरीले धुएं ने आसपास के ग्रामीणों का सांस लेना दूषित कर दिया है, जो भविष्य में कैंसर और फेफड़ों से संबंधित रोगों का बड़ा कारण बन सकता है.
हालांकि, नगरपालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) पाल दास का दावा है कि मेडिकल वेस्ट को जमीन में दबाया जा रहा है और कचरा जलाना प्रतिबंधित है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के उलट है.



