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छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी 17 वर्षीय आदिवासी किशोरी को आरोपियों के चंगुल से छुड़ा लिया

 

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रायपुर छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी के एक घिनौने रैकेट को बेनकाब करते हुए 17 वर्षीय आदिवासी किशोरी को आरोपियों के चंगुल से छुड़ा लिया है. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं और एक नाबालिग सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

यह गिरोह भोली-भाली लड़कियों को अच्छी नौकरी और बेहतर भविष्य का झांसा देकर अन्य राज्यों में बेचने का काम कर रहा था.

पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, पीड़िता पिछले साल नवंबर में अपने घर से भाग गई थी. इस दौरान उसकी मुलाकात गिरोह के सदस्यों से हुई, जिन्होंने उसे मध्य प्रदेश में एक प्रतिष्ठित नौकरी दिलाने का लालच दिया. 

विश्वास में लेकर आरोपी उसे मध्य प्रदेश ले गए और वहां एक व्यक्ति को 2.5 लाख रुपये में बेच दिया. वहां किशोरी को न केवल बंधक बनाकर रखा गया, बल्कि उसके साथ जबरन विवाह कर उसका शारीरिक शोषण भी किया गया.

दुस्साहस की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागकर वापस रायगढ़ पहुंची. वहां मदद मिलने के बजाय, तस्करी गिरोह के सदस्यों ने उसे दोबारा पकड़ लिया और उसे देह व्यापार के दलदल में धकेलने की कोशिश की. अंततः पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद 11 अप्रैल को औपचारिक शिकायत दर्ज की गई.

रायपुर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता और पीड़िता की उम्र को देखते हुए पुलिस ने बेहद संवेदनशीलता के साथ ऑपरेशन चलाया. पुलिस ने छापेमारी कर खरीदार सहित चार एजेंटों को धर दबोचा.

आरोपियों के खिलाफ किडनैपिंग, गैंगरेप, मानव तस्करी और पोक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. फिलहाल पीड़िता गहरे सदमे में है और विशेषज्ञों द्वारा उसकी काउंसलिंग की जा रही है, जबकि पुलिस गिरोह के नेटवर्क को पूरी तरह खंगालने में जुटी है.

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