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प्रदेश के परेशान किसानों की 28 फरवरी तक धान खरीदी कर राहत दे सरकार – आम आदमी पार्टी

धान खरीदी में सरकार की साजिश उजागर, अब तक प्रदेश के 20% किसान फसल बेचने से वंचित,29 जनवरी को हर जिले में किसानों के समर्थन में धरना प्रदर्शन– आम आदमी पार्टी कर्जदार किसान का टोकन नहीं कटेगा, धान नहीं बिकेगा यदि वे आत्महत्या करतें हैं तो उसका जिम्मेदार कौन- आम आदमी पार्टी

 

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रायपुर, 23 जनवरी 2026। आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में किसानों के साथ हो रहे अन्याय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में तारेन्द्र चंद्राकर प्रदेश अध्यक्ष (किसान विंग ) ने कहा कि सरकार ने घोषणा की थी कि धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू की जायेगी लेकिन सबको पता हैं कि सरकार ने लेट कर धान खरीदी कहीं पर 17 तारीख कहीं पर 18 तारीख और कई जगह तो 25 नवम्बर से खरीदी चालू की। और अब धान खरीदी 29 जनवरी को बंद कर रहे हैं जबकि सरकार ने 31 जनवरी तक धान खरीदने की बात कही थी, जो की अपनी बात से ही मुकर रही है। सरकार ने साजिश के तहत लाखों छोटे किसानों का जबरदस्ती रकबा समर्पण करवा रही है। वहीं कुछ किसानों को आज तक टोकन नहीं मिला है ना ऑनलाइन, ना ऑफलाइन। जो छोटे किसान थे उन्हें 1 टोकन, जो मीडियम किसान थे उन्हें 2 टोकन और बड़े किसानों को 3 टोकन दिया गया बावजूद इसके आज भी किसान अपनी पूरी धान नहीं बेंच पा रहें हैं।

धान खरीदी केंद्र की प्रतिदिन लिमिट को सरकार ने इस बार कम कर दिया जिससे किसान सिर्फ लाइन लगाकर अपना इंतजार करते परेशान ही दिखे। टोकन काटने से पहले पटवारी आरआई और तहसीलदार किसानों को घर में जाकर भौतिक सत्यापन कर धान चेक कर रहे हैं सरकार की नज़र में क्या किसान चोर हैं? धान बोवाई से लेकर, कभी बीज नहीं, कभी यूरिया खाद नहीं, फिर एग्रीस्टेक में खराबी की बात कह पूर्व में ही लाखों किसानों का रकबा काट दिया गया। दरअसल सरकार की धान खरीदने की मंशा ही नहीं है इसके लिए अनेक बहाने बनाये जा रहें हैं।

तेजेंद्र तोड़ेकर प्रदेश संगठन मंत्री ने कहा कि अब तक छत्तीसगढ़ में लगभग 20 प्रतिशत किसान धान बेचने से वंचित रह चुके हैं और जो किसानों ने कर्ज लिया है उसे वह कैसे चुकायेगा और यदि किसान आत्महत्या करता है तो उसका जिम्मेदार यह सरकार होगी। किसानो की हितैषी बात करने वाली सरकार धान खरीदी में पूरी तरह फेल हो चुकी है।सरकारी समितियों में भ्रष्टाचारी सिस्टम लाखों क्विंटल धान को चूहों द्वारा खा लिया ऐसा कहकर जनता के पैसे का भ्रस्टाचार कर रहें हैं और ये सरकार उसे रोकने में पूरी तरह नाकाम ही रही है। क्या आज तक किसी अधिकारी पर एफ आई आर हुई? यह किसान हितैषी नहीं किसान विरोधी सरकार है।

विजय कुमार झा प्रदेश अध्यक्ष ( कर्मचारी विंग ) ने कहा कि ऐसा ही धमतरी जिले से एक मामला सामने आया है जिसमें किसान की खेती किसी और गांव में होती थी और उनके पास रखने के लिए जगह नहीं था, इतने दिन टोकन न मिलने और रखने की जगह नही होने के कारण उन्होंने अपनी फसल अपने गांव से 35 किलोमीटर दूर कुरूद अपने घर में लाकर रख लिया और जब वेरिफिकेशन के लिए फ़ोन आया तो पटवारी आदि का कहना था कि आप धान खेत में लाइए अन्यथा हम आपका रकबा शून्य कर देंगे, पीड़ित किसान ने मिन्नत की कि आप यहां आकर देख लीजिये, आने जाने का खर्चा मैं दूंगा बावजूद इसके उनका रकबा शून्य कर दिया गया।

ऐसा ही दूसरा मामला महासमुंद जिले के खेमड़ा सोसायटी से आया है, जहां पर एक किसान जिन्होंने अपना टोकन कटवा लिया था और सुबह धान बेचना था और उनकी ट्राली में धान भरा हुआ था और अचानक टीम ने रात को छापा मार कर जपती बना दिया और टीम द्वारा यह कहा गया है कि यह उड़ीसा का धान है जबकि उन्होंने अपना टोकन और पट्टा भी दिखाया किन्तु उनका धान जप्त कर लिया गया और मंडी सचिव ने अपने रिपोर्ट में कोई कागजात नही दिखाया दर्ज किया है जो कि सरासर झूठ है आज उस किसान के पास बेंचने के लिए एक दाना नहीं है?वह किसान लाखों रुपया बैंक से कर्ज लिया हुआ है अब वह कहा से कर्ज पटायेगा ?

प्रदेश में किसानों के समर्थन में आम आदमी पार्टी आगामी 29 जनवरी को प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन करेगी।
अनुषा जोसेफ प्रदेश सचिव ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार अगर किसानों के बारे में थोड़ा भी चिंता करती हो तो किसानों के जबरदस्ती रकबा समर्पण कराना बंद करे साथ ही भौतिक सत्यापन के नाम पर किसानों को परेशान करना बंद करे ,सभी किसानों को समुचित टोकन व्यवस्था करे और धान खरीदी की तारीख 28 फरवरी तक करे ताकि प्रदेश का अन्नदाता किसान अपनी सारी फसल को बेंच सके।

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