छत्तीसगढ़प्रमुख खबरें

भारतमाला परियोजना घोटाला: विधवा बनकर 2 करोड़ का ले लिया मुआवजा

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रायपुर।  भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहीत जमीनों के मुआवजे में करोड़ों रुपए के बंदरबांट घोटाले का खुलासा हुआ है। इस घोटाले में राजस्व अधिकारियों, दलालों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले सिंडिकेट की मिलीभगत सामने आई है। ताज़ा खुलासे में यह बात सामने आई है कि गोकुल गांव की एक महिला ने खुद को मृतक किसान की विधवा बताकर दो करोड़ से ज्यादा की राशि वसूल ली, जबकि जमीन के असली वारिसों को इसकी भनक तक नहीं लगी

जांच एजेंसी EOW (Economic Offences Wing) द्वारा पेश किए गए चालान में इस फर्जीवाड़े की पूरी कहानी उजागर हुई है। दस्तावेजों के मुताबिक, गोकुल गांव निवासी स्वामी विश्वनाथ पांडे के नाम पर 2.126 हेक्टेयर जमीन दर्ज थी। भूमि अधिग्रहण के बाद सरकार ने इस जमीन के एवज में 2 करोड़ 13 लाख 88 हजार रुपए का मुआवजा जारी किया था। लेकिन जमीन मालिक की मृत्यु के बाद उमा तिवारी नाम की महिला ने खुद को मृतक की विधवा बताकर यह पूरा मुआवजा अपने नाम पर वसूल लिया।

EOW की जांच में सामने आया कि स्वामी विश्वनाथ पांडे के चार पुत्र और एक पुत्री आज भी गांव में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें इस पूरी प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं दी गई। मुआवजा राशि सीधे फर्जी विधवा के खाते में स्थानांतरित कर दी गई थी। असली वारिसों ने जब यह मामला सामने आने के बाद दस्तावेज खंगाले, तब जाकर उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। परिजनों का कहना है कि राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह की ठगी संभव नहीं थी। परिजनों ने EOW और जिला प्रशासन से न्याय की मांग की है।
EOW की विस्तृत रिपोर्ट में दर्ज खुलासों के बावजूद अब तक किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सूत्र बताते हैं कि EOW ने चालान में कई नामों का उल्लेख किया है, लेकिन राजनीतिक दबाव और विभागीय मिलीभगत के कारण कार्रवाई की गति बेहद धीमी है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि मुआवजे के वितरण से लेकर फर्जी दस्तावेजों की तैयारी तक का काम एक संगठित सिंडिकेट के जरिए किया जाता रहा है, जिसमें राजस्व अधिकारी, पटवारी, दस्तावेज लेखक और स्थानीय दलाल सक्रिय भूमिका निभाते हैं। कई मामलों में मृतक भूमि मालिकों के परिवारों को संपर्क से दूर रखकर फर्जी हस्ताक्षर और पहचान पत्र तक बनवाए गए हैं

Related Articles

Back to top button