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भिलाई -हड़ताल से पहले बीएसपी यूनियन में हुआ टकराव, यूनियन और पुलिस अधिकारियों की बैठक में बढ़ा विवाद

सच तक इंडिया रायपुर भिलाई। बोनस और बकाया एरियर्स सहित अन्य कई मांगो को लेकर सेल की सभी यूनियन के नेता 28 अक्टूबर सोमवार को बड़ी हड़ताल करने जा रहे हैं। हड़ताल से पहले पुलिस प्रशासन ने बीएसपी और सभी यूनियन के नेताओं की एक बैठक बुलाई। बैठक में यूनियन के नेता एक मत नहीं दिखे और देखते ही देखते कुछ पल के लिए उनके बीच खींचतान शुरू हो गई।

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सेक्टर 6 पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित बैठक में सीटू, इंटक, बीएमएस सहित 11 यूनियन के नेता शामिल हुए। इसी दौरान जब बीएसपी वर्कर्स यूनियन के नेताओं को बाकी यूनियन के नेताओं ने देखा तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल के 14 दिन पहले सभी यूनियन ने बीएसपी प्रबंधन को नोटिस दे दिया है, लेकिन बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने नोटिस नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि जब वो लोग हड़ताल में शामिल होने की मंशा नहीं रखते तो इस बैठक में शामिल होने क्यों आए हैं। इसका बीएसपी वर्कर्स यूनियन के नेता उज्जवल दत्ता ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के कहने पहल आयोजित बैठक में वो लोग शामिल होने आए हैं। बीएसपी वर्कर्स यूनियन के महासचिव शिव बहादुर सिंह ने कहा कि संयुक्त मोर्चा के संयोजक का बयान काफी हास्यात्पद है। उन्होंने कहा कि बीएसपी वर्कर्स यूनियन हमेशा कर्मचारियों के हित और उससे जुड़े आंदोलन में आगे खड़ा रहता है। इस आंदोलन में संयुक्त मोर्चा का शामिल होना या उनके किसी भी संयुक्त अभियान में जाने की आवश्यक्ता उनका यूनियन जरूरी नहीं समझता है।

उन्होंने संयुक्त मोर्चा पर ही सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि 30 जून 2021 को जब कर्मचारियों की हड़ताल हुई थी तो उसमें 95 प्रतिशत कर्मचारियों ने हिस्सा लिया था। उस समय संयुक्त मोर्चा कहां था। उनके सभी लोग कर्मचारियों के हड़ताल के विरोध में था और प्लांट के अंदर जाकर काम कर रहे थे। इसके बाद एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर ने सभी समझाया और कहा कि वो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करें। इस दौरान उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग जगहों पर ड्यूटी पर तैनात रहने की जिम्मेदारी भी दी।

बीएसपी की जितनी भी रजिस्टर्ड यूनियन हैं उन्हें किसी भी हड़ताल में जाने से 14 दिन पहले बीएसपी प्रबंधन को सूचनार्थ नोटिस देना होता है। 28 अक्टूबर की सुबह 24 घंटे की होने वाली हड़ताल को लेकर बीएसपी की सभी 10 यूनियन ने नोटिस दिया है, लेकिन बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने नोटिस नहीं दिया। इसीको लेकर बाकी यूनियन ने उसका विरोध किया।

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