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2026-27 में चावल का वैश्विक संकट, भारत पर पड़ेगा कितना असर ?

 

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नई दिल्ली। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार 2026-27 में दुनिया का चावल उत्पादन 545 मिलियन मीट्रिक टन से घटकर 533 मिलियन मीट्रिक टन रह जाएगा। यानी लगभग 12 मिलियन टन की गिरावट होगी। जबकि खपत में 38 लाख टन की बढ़ोतरी होने की आशंका है। इसमें सबसे प्रभावित देश भारत है, भारत जिसके 95% संभावना सबसे ज्यादा प्रभावित होने की रहने वाली है, वैश्विक उत्पादन में अनुमानित कमी में भारत की हिस्सेदारी लगभग 70 लाख टन हो सकती है। भारत की धान की फसल में संभावित गिरावट बड़ी चिंता का विषय है। दूसरे नंबर पर आता है थाईलैंड जिसकी 88% प्रभावित होने की संभावना है।तीसरे नंबर पर पाकिस्तान जिसकी 49% प्रभावित होने की संभावना है और चौथे नंबर पर आता है वियतनाम जिसकी 37% प्रभावित होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत थाईलैंड पाकिस्तान और वियतनाम की चारों देश दुनिया के सबसे बड़े चावल उत्पादक है इनमें उत्पादन घटने से वैश्विक सप्लाई पर भारी दबाव पड़ेगा। भारत सबसे बड़ा चावल उत्पादक और निर्यातक देश है अगर वैश्विक उत्पादन घटा तो घरेलू बाजार में कीमत बढ़ सकती है, निर्यात बढ़ाने का दबाव बढ़ सकता है इसमें छोटे किसानों को फायदा मिल सकता है लेकिन उपभोक्ताओं पर इसका बोझ बढ़ेगा। बासमती और नॉन बासमती दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

उत्पादन घटने के कारण :

इसका सबसे पहला कारण है मौसम की अनियमितता और एल नीनो का प्रभाव। दूसरा कारण है राजनीतिक तनाव यानी स्टेट आफ हार्मोज का संकट। तीसरा कारण है पुरानी समस्याएं जैसे पुराने बग किट और पानी की कमी और चौथा कारण है इराक जैसे देशों ने थाईलैंड से चावल का आयात बंद कर दिया है जिससे वैश्विक बाजार में और दबाव बढ़ा है और फिलिपिंस, इंडोनेशिया और अफ्रीका के कुछ देशों में 30-40% दाम बढ़ गये हैं।

संकट पर सरकार का प्लान :

खाद्य सुरक्षा को लेकर क्या सरकार के पास पर्याप्त बफर स्टॉक है? अगर कीमतें बड़ी तो पीडीएस पर इसका कितना बोझ पड़ेगा? क्या छोटे किसानों को इस बढ़ती कीमत का फायदा मिल पाएगा या मंडी में बिचौलिए सारा मुनाफा हजम कर लेंगे?

सरकारी नीतियां :

और जलवायु परिवर्तन अब स्थाई समस्या बन गया है।
सवाल है कि अगर हम पुरानी नीतियों पर खड़े रहे तो महंगाई बढ़ेगी और आम आदमी की जेब पर पर बोझ बढ़ेगा।

भारत में पिछले 15 दिनों में 25% चावल के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है और आने वाले कुछ सप्ताह में और बढ़ोत्तरी की संभावना है।

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