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सहकारिता कर्मचारियों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों पर सरकारी दमन का किया निंदा

सभी पदाधिकारियों को निःशर्त रिहा करें एवं उनकी मांगो को पूरा करे एस्मा की कार्यवाही राज्य सरकार की तानाशाही किसान आंदोलन के पांच साल पूरा होने पर 26 नवंबर को किसान करेंगे जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन

 

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रायपुर। संयुक्त किसान मोर्चा, छत्तीसगढ़ समन्वय समिति का बैठक गुरुवार को कबीर नगर रायपुर स्थित भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश कार्यालय में सम्पन्न हुआ जिसमें छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी प्रवीन क्रांति, प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही, छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ला, छत्तीसगढ़ किसान महासभा के संयोजक नरोत्तम शर्मा, आदिवासी भारत महासभा के संयोजक सौरा यादव, क्रन्तिकारी किसान यूनियन से कल्याण पटेल, एग्रीकान से पवन सक्सेना, बिसहत कुर्रे, महेश साहू, मनोज कुमार आदि शामिल हुए।

बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सहकारिता कर्मचारियों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों के ऊपर एस्मा एवं गिरफ्तारी की दमनात्मक कार्यवाही की कठोर निंदा की गई और गिरफ्तार पदाधिकारियो को निःशर्त रिहा कर उनके मांगो को मानने की अपील की ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार परेशानी न हो क्योंकि धान खरीदी के इन पांच दिनों में तकनीकी खामियों के चलते खरीदी की गति बहुत धीमी है।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक सदस्य एवं भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने बताया कि बैठक में केन्द्र एवं राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों की निंदा की गई, राज्य में धान खरीदी के मुख्य आधार सहकारिता कर्मचारियों एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों के आंदोलन का समर्थन किया गया और राज्य सरकार द्वारा उन पर एस्मा जैसे कार्यवाही की निंदा की गई। साथ ही 26 नवंबर को दिल्ली किसान आंदोलन के पांच वर्ष पूरा होने के अवसर पर यह पाया कि किसानों की जो मांगे केन्द्र सरकार से थी वह आज भी अधूरी है। चुनावी राज्यों में मोदी की गारंटी के तहत चुनाव घोषणा पत्र तैयार की जाती है तो छत्तीसगढ़ में धान पर 3100 रूपये प्रति क्विंटल पर खरीदी की गारंटी मोदी की थी और 186 रूपये जो एमएसपी में वृद्धि हुई है वह भी मोदी सरकार द्वारा की गई है इसलिए छत्तीसगढ़ के किसानों को इस वर्ष धान पर प्रति क्विंटल 3286 रूपये मिलना चाहिए और देश के अन्य राज्यों में इसे लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि उपरोक्त विषयों पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि 26 नवंबर को संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेश के रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, राजनांदगाव, बलौदाबाजार, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, बंगोली, धमतरी, बेमेतरा, कवर्धा, नारायणपुर, कांकेर, बस्तर सहित विभिन्न जिलों एवं अन्य स्थानों पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपेंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा, छत्तीसगढ़ की ओर से
तेजराम विद्रोही
संयोजक सदस्य एवं प्रदेश महासचिव भारतीय किसान यूनियन

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