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संभव स्टील द्वारा तीसरे वार्षिक इंटर स्कूल स्पोर्ट्स फेस्ट का सफल आयोजन

हथबंद ने जीती प्रतिष्ठित 'संभव चक्र' रोटेशनल ट्रॉफी। 13 गाँवों से 31 स्कूलों के 650 विद्यार्थियों को सशक्त बनाने के लिए विशेष पहल।

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रायपुर।  संभव स्टील ट्यूब्स लिमिटेड सरोरा-तिल्दा के तत्वावधान में सरोरा ग्राम के हाई स्कूल मैदान में इंटर स्कूल खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें तिल्दा, सिमगा, धरसींवा तहसीलों के ग्राम सरोरा, सांकरा, ओटगन, परसदा, भुरसुदा, बिलाड़ी, बुन्देली, बिनेका, हथबंद, केसदा, रिंगनी, नेवधा, कुठरैल, रैता के स्कूलों ने हिस्सा लिया, जिसमें स्कूल के लगभग 650 छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर प्रदर्शन किया।

मुख्य आकर्षण और विजेता

​श्री बृजलाल गोयल जी के दृष्टिकोण को मूर्तरूप देने के लिए संभव स्टील ट्यूब्स लिमिटेड के अंतर्गत आने वाले सारे ग्रामों के शासकीय विद्यालयों के बीच संभव स्पोर्ट्स फेस्ट के नाम से अंतरविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण प्रतिष्ठित ‘संभव चक्र था। यह एक रोटेशनल ट्रॉफी है जो सालाना सबसे अधिक पदक जीतने वाले स्कूल को प्रदान की जाती है। इस वर्ष, कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद, हथबंद के स्कूल ने यह गौरवपूर्ण ‘संभव चक्र’ अपने नाम किया। स्पोर्ट्स फेस्ट को विद्यार्थियों के बीच आपसी समन्वय, अनुशासन और खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में डिज़ाइन किया गया था।

कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती शीतल गोयल (सी.एस.आर. प्रमुख, संभव स्टील) श्रीमती उमेश्वरी विश्राम साहू (सरपंच, सरोरा), श्री बसंत सिंह विनोद (उपसरपंच, सरोरा), श्री तान सिंह बंछोर (उपप्राचार्य, हाई स्कूल, सरोरा) एवं समस्त स्कूलों के उपस्थित खेल प्रभारी और संभव स्टील ट्यूब्स लिमिटेड के श्री दुर्गेश आडिल (सहायक उपाध्यक्ष), श्री एम.जी.के. मूर्ति (महाप्रबंधक), श्री चिरंजीत रॉय, श्री गुलाब साहू, श्री राजकुमार निषाद, सुचिता जैन, लक्ष्मी देवांगन, श्री हिमांचल वर्मा, श्री धनेश साहू, श्री राकेश निर्मलकर, जितेन्द्र वर्मा और श्री किशोर का विशेष योगदान रहा।

श्रीमती शीतल गोयल ने इस आयोजन के महत्व पर जोर दिया:

“संभव स्पोर्ट्स फेस्ट सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं है। यह हमारे ग्रामीण समुदायों के भविष्य में एक निवेश है। इस स्पोर्ट्स फेस्ट के माध्यम से हम इन विद्यार्थियों में टीम वर्क और अनुशासन के मूल्यों को स्थापित करना चाहते हैं। इन बच्चों को इतने जुनून के साथ प्रतिस्पर्धा करते देखना हमारे मूल विश्वास को मजबूत करता है कि ‘सब संभव है’—सही अवसर मिलने पर वास्तव में सब कुछ संभव है।”

इस सफल आयोजन ने संभव स्टील के सामुदायिक विकास और युवा सशक्तिकरण के प्रति समर्पण को एक बार फिर रेखांकित किया है।

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