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वॉश-वॉश गैंग:दो NRI थे अगला टारगेट , 4 करोड़ के बदले 25 करोड़ रुपए का दिया झांसा

 

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रायपुर।   फिल्मी स्टाइल में ठगी करने वाले वॉश-वॉश स्कैम गैंग के मास्टरमाइंड और सदस्यों ने पूछताछ में कई खुलासा किया है। गैंग बालोद के कारोबारी उमेश गुप्ता को ठगने के बाद नॉन रेजिडेंट इंडियन (एनआरआई) की तलाश में था। इसी वजह से गिरोह ने गुजरात के दो ऐसे कारोबारियों को फंसाया था, जो एनआरआई थे। उनसे 4 करोड़ रुपए कैश मंगाया गया था। आरोपियों ने रकम को 25 करोड़ बनाकर वापस लौटाने का झांसा दिया था। आरोपियों का मानना था कि एनआरआई को ठगने पर वह पुलिस के पास नहीं जाएगा, क्योंकि वह पैसों का हिसाब नहीं दे पाएगा। ये खुलासा वॉश-वॉश स्कैम गैंग के मास्टरमाइंड और सदस्यों से पूछताछ में हुआ। गिराेह के सदस्यों से तेलीबांधा थाने में पूछताछ जारी है।

इसी दौरान गिरोह से करीब एक घंटे तक क्राइम सीन रीक्रिएट कराया गया। गिरोह के हर सदस्य की ठगी में अलग-अलग भूमिका, डायलॉग और काम तय थे। ठगी से पहले आरोपी खुद रिहर्सल करते थे कि अगर पीड़ित उनके पास आएगा तो उसे कैसे झांसे में लेना है और उससे पैसे कैसे वसूलने हैं।

सिर्फ करोड़पतियों को बनाते थे निशाना

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गैंग का जो भी ​सदस्य शिकार ढूंढता या किसी बड़े कारोबारी को गिरोह तक लेकर आता था, उसी समय वही गैंग का मास्टरमाइंड बन जाता था। ठगी के दौरान उसकी भूमिका बड़े बॉस की होती थी। उमेश को ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी ने फंसाया था। उस समय वही गिरोह का मास्टरमाइंड था। योगी पांच बार रायपुर आया। वह हर बार नोटों का बंडल देखकर जाता था। जब उमेश ने 1.13 करोड़ रुपए इकट्ठा कर लिए तो योगी ने उन पैसों को गिन लिया। इसके बाद उसे फंसाने की योजना शुरू की गई। फिर उमेश को अलग-अलग जगह बुलाया गया, क्योंकि गैंग 1 करोड़ रुपए से नीचे की ठगी नहीं करता था। योगी पांच बार रायपुर आकर 2-3 दिनों तक ठहरा। इस दौरान वह बालोद और धमतरी भी गया। उसने उमेश की पूरी जानकारी जुटाई और फिर लौट गया।

हर बार बदल जाते हैं गैंग के सदस्य

ज्ञान प्रकाश ने पूछताछ में बताया कि हर बार गिरोह के सदस्य बदल जाते हैं। देश में इस तरह के 10 से ज्यादा गिरोह सक्रिय हैं। वह हर गिरोह के साथ काम कर चुका है। जो व्यक्ति शिकार लेकर आता है, वही अपने हिसाब से सदस्यों का चयन करता है। झांसा देने के लिए हर सदस्य का अलग किरदार, भूमिका और डायलॉग होता है। प्रवीण और मनोज भी कई लोगों के साथ काम कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने अभिषेक के साथ काम किया था, जो उमेश से पहले लखनऊ से शिकार लेकर आया था।

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