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आज नरक चतुर्दशी…स्नान व दीपदान माना जाता है बहुत शुभ


रायपुर।
 दीवाली से पहले छोटी दीवाली आती है, इसे नरक चतुर्दशी और रूप चौदस भी कहा जाता है। साथ ही कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। नरक चतुर्दशी पर सुबह के मुहूर्त में अभ्यंग स्नान करने का विधान है, इस दिन स्नान व दीपदान से पाप मिटते हैं और सौभाग्य बढ़ता है.छत्तीसगढ़ में भी आज नरक चतुर्दशी का त्यौहार मनाया जा रहा है।  नरक चतुर्दशी को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र और शुभ तिथि माना गया है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था और उसके बंधन में फंसी 16 हजार महिलाओं को मुक्त कराया था। इसी कारण यह दिन अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।  हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आज 19 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 51 मिनट से शुरू होगी और 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट तक रहेगी। इस आधार पर नरक चतुर्दशी का पर्व 19 अक्टूबर (रविवार) को मनाया जा रहा है।  जबकि अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर (सोमवार) की सुबह रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नरक चतुर्दशी पर स्नान करने से पाप मिट जाते हैं और शरीर व मन शुद्ध होते हैं। इस दिन यमराज के लिए दीपदान करना बहुत शुभ माना जाता है। शाम के समय 14 दीए जलाने की परंपरा है। इनमें से एक सरसों के तेल का दीपक यमराज के नाम से जलाया जाता है, जबकि बाकी 13 दीपक घी के होते हैं। इससे अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है। नरक चतुर्दशी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति आती है। यह दिन न केवल शारीरिक शुद्धि का प्रतीक है बल्कि आध्यात्मिक जागरण का भी अवसर देता है।

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