ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह पर रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट गुलाबी रोशनी से जगमगाया
_गुलाबी रोशनी आशा और एकजुटता का प्रतीक बनी, महिलाओं को स्तन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, समय पर जांच कराने और स्क्रीनिंग को प्राथमिकता देने का संदेश_


रायपुर, ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर इस अक्टूबर में रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट को गुलाबी रोशनी से रोशन किया गया है। यह पहल स्तन कैंसर से प्रभावित महिलाओं के प्रति आशा, जागरूकता और एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आई है।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को अपने स्तन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों पर ध्यान देने, समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने और अनुशंसित स्क्रीनिंग कराने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही परिवारों को भी स्तन स्वास्थ्य के विषय पर खुलकर बातचीत करने तथा महिलाओं को बिना किसी डर, झिझक या सामाजिक संकोच के चिकित्सकीय सहायता लेने के लिए प्रेरित करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।को गुलाबी रोशनी से सजाना केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं है, बल्कि यह स्तन कैंसर का उपचार करा रही महिलाओं, कैंसर से उबर चुकी महिलाओं और उनके परिवारों के लिए आशा एवं साहस का संदेश भी है। यह पहल जागरूकता और समय पर बीमारी की पहचान के महत्व को रेखांकित करती है, जिससे उपचार के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों की टीम के साथ व्यापक कैंसर उपचार सुविधाएं
रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट अनुभवी कैंसर विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम के माध्यम से व्यापक कैंसर उपचार सुविधाएं प्रदान करता है। यहां सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के विशेषज्ञ मिलकर मरीजों को व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराते हैं।
इस विशेषज्ञ टीम में शामिल हैं:
डॉ. मौ रॉय — वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एवं क्लिनिकल डायरेक्टर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी।
डॉ. रवि जायसवाल — वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एवं विभागाध्यक्ष, मेडिकल ऑन्कोलॉजी।
डॉ. गौरव गुप्ता — वरिष्ठ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट एवं विभागाध्यक्ष, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी।
डॉ. नवीन जैन — वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट।
डॉ. नीरू केरकेट्टा — वरिष्ठ सलाहकार, न्यूक्लियर मेडिसिन।
रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट अनुभवी कैंसर विशेषज्ञों की एक टीम के माध्यम से व्यापक एवं बहुविषयक कैंसर उपचार सेवाएँ प्रदान करता है। यहाँ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के विशेषज्ञ एक साथ मिलकर मरीजों को बेहतर और समन्वित उपचार उपलब्ध कराते हैं।
इस विशेषज्ञ टीम में शामिल हैं:
डॉ. मौ रॉय – वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एवं क्लिनिकल डायरेक्टर – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी
डॉ. रवि जायसवाल – वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एवं विभागाध्यक्ष – मेडिकल ऑन्कोलॉजी
डॉ. गौरव गुप्ता – वरिष्ठ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट एवं विभागाध्यक्ष – रेडिएशन ऑन्कोलॉजी
डॉ. नवीन जैन – वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट
डॉ. नीरू केरकेट्टा – वरिष्ठ सलाहकार – न्यूक्लियर मेडिसिन
डॉ. अकेल्ला फणेंद्र – सलाहकार सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट
डॉ. रुचिर डाकड़ – सलाहकार सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट
यह टीम बीमारी की पहचान और उपचार की योजना बनाने से लेकर उपचार, स्वस्थ होने की प्रक्रिया और नियमित फॉलो-अप तक मरीजों को समन्वित एवं व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करती है।
विशेषज्ञों ने दिया जागरूकता और समय पर उपचार का संदेश
इस अवसर पर डॉ. मौ रॉय ने कहा,
“स्तन कैंसर को डर और चुप्पी का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। महिलाओं को अपने स्तन स्वास्थ्य के बारे में खुलकर बात करने और किसी भी असामान्य बदलाव को महसूस करने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में सहज महसूस करना चाहिए। समय पर जांच से बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान संभव हो सकती है, जब उपचार अधिक प्रभावी होने और बेहतर परिणाम मिलने की संभावना रहती है।
हर महिला की कैंसर से जुड़ी यात्रा अलग होती है। प्रभावी उपचार के लिए विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों का मिलकर काम करना आवश्यक है। इसके साथ ही उपचार और स्वस्थ होने की पूरी प्रक्रिया में मरीजों को भावनात्मक सहयोग देना भी महत्वपूर्ण है।
हम हर महिला को यही संदेश देना चाहते हैं—अपने शरीर को समझें, किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें और विशेषज्ञ से सलाह लेने में देरी न करें।”
डॉ. रवि जायसवाल ने बताया,
“स्तन कैंसर के उपचार में पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और मरीज की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप उपचार पद्धतियों ने मरीजों के लिए नए विकल्प उपलब्ध कराए हैं। बीमारी की शुरुआती पहचान और सही समय पर उचित उपचार मिलने से मरीजों के उपचार परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है।”
डॉ. गौरव गुप्ता, वरिष्ठ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट एवं विभागाध्यक्ष, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी ने बताया,
“आधुनिक रेडिएशन थेरेपी के माध्यम से स्वस्थ ऊतकों को सुरक्षित रखते हुए प्रभावित हिस्से का सटीक उपचार किया जा सकता है। रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट में बाईं ओर के स्तन कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए एक्टिव ब्रीथ कोऑर्डिनेटर (ABC) तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह तकनीक हृदय पर रेडिएशन के प्रभाव को कम करने में मदद करती है, जिससे उपचार अधिक सुरक्षित और सटीक बनाया जा सकता है।”
अस्पताल से आगे समाज तक जागरूकता पहुंचाने की पहल
गुलाबी रोशनी के माध्यम से रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का उद्देश्य स्तन कैंसर को केवल अस्पतालों और डॉक्टरों के परामर्श कक्षों तक सीमित न रखकर परिवारों, कार्यस्थलों और समुदायों के बीच भी जागरूकता का विषय बनाना है।
यह पहल इस संदेश को मजबूत करती है कि जागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग और शुरुआती अवस्था में चिकित्सकीय हस्तक्षेप से अधिक महिलाओं को सही समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के दौरान रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट की गुलाबी रोशनी रायपुर में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देगी और याद दिलाएगी कि स्तन स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है तथा जागरूकता को समय पर कार्रवाई में बदलना बेहद महत्वपूर्ण है।
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के बारे में
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल, एस्टर डीएम क्वालिटी केयर लिमिटेड का हिस्सा है। यह भारत के प्रमुख एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक है, जिसका गठन एस्टर डीएम हेल्थकेयर लिमिटेड और क्वालिटी केयर इंडिया लिमिटेड के विलय से हुआ है।
इस संयुक्त नेटवर्क में चार प्रमुख हेल्थकेयर ब्रांड—एस्टर डीएम, केयर हॉस्पिटल्स, एवरकेयर और किम्सहेल्थ—शामिल हैं। यह नेटवर्क 28 शहरों में 39 अस्पतालों और 10,600 से अधिक बेड के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है।
मध्य भारत के प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में शामिल रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में जटिल चिकित्सा एवं सर्जिकल मामलों के उपचार के लिए जाना जाता है। अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकों और कार्डियक साइंसेज, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसाइंसेज, अंग प्रत्यारोपण तथा क्रिटिकल केयर जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से अस्पताल मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।









