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AAP के विरोध के बाद एग्रीस्टेक की अनिवार्यता खत्म, PV एप्प में सुधार और पुरानी बोनस राशि जारी किसानों को जारी करे सरकार -आम आदमी पार्टी

 

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रायपुर। आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी विंग विजय झा, प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी और रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप नेताओं ने बताया कि प्रदेश में एग्री स्टेट की जो खामियां थी जिसके कारण हजारों किसान धारण बेचने से वंचित रह जाते थे आम आदमी पार्टी के लगातार विरोध के बाद सरकार ने इस बार एग्रीस्टेक की अनिवार्यता खत्म कर दी है जिसका पार्टी ने किसानों के हितों को लेकर स्वागत किया है। आम आदमी पार्टी द्वारा लगातार पिछले 1 साल से किसानों की मांगों को लेकर पूरे प्रदेश स्तर में किसान सभा कर आंदोलन और सरकार ज्ञापन दिया गया था जिसके परिणाम स्वरुप किसानों की कुछ समस्यायों का समाधान हुआ है।

आप नेताओं ने बताया कि प्रदेश में फसल सत्यापन (खरीफ गिरदावरी) और राजस्व कार्यों के लिए उपयोग किए जा रहे PV ऐप (पीवी ऐप) और भुइंया वेबसाइट को लेकर राज्य में किसानों में भारी विरोध देखने को मिल रहा है। जिसमें सरकार को सुधार करना चाहिए। ग्रामीण और दूर-दराज के खेतों में इंटरनेट नेटवर्क न होने के कारण ऐप ठीक से काम नहीं करता है, जिससे डेटा सिंक या अपलोड करने में भारी दिक्कत आती है। तकनीकी रूप से कमजोर सर्वर और सॉफ्टवेयर डिजाइन के चलते फील्ड में काम करते समय ऐप बार-बार हैंग हो जाता है। ऐप में सटीक जियो-लोकेशन (Location Error) न मिलने के कारण खसरे की सही स्थिति दर्ज करने में बाधा आती है।ऐप के नियमों के अनुसार खेत के चारों कोनों पर जाकर फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। खेतों में पानी भरे होने, फसल के बड़े होने या पुराने नक्शों में विसंगति होने के कारण हर कोने तक पहुँचना व्यावहारिक रूप से बहुत कठिन है। ऐप की इन तकनीकी कमियों के बावजूद काम पूरा न होने पर शासन-प्रशासन द्वारा पटवारियों को शो-कॉज नोटिस और निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जिसका पटवारी संघ ने कड़ा विरोध किया है और इन्हीं सभी मांगों को लेकर पटवारी हड़ताल कर रहें हैं।इन तकनीकी बाधाओं के चलते सत्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे भविष्य में किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में परेशानी हो रही है और इस साल भी यही स्थिति बनी रही हो तो जिस तरह से पिछले साल प्रदेश में 5 किसानों ने आत्महत्या की थी और यदि इस साल भी सुधार नहीं हुआ तो जो किसान आत्महत्या करेंगे उसकी जिम्मेदार सरकार होगी।

पूर्व की कांग्रेस सरकार में किसानों का 1 साल का बोनस बाकी था जिसे भाजपा सरकार को देना था लेकिन उसे बोनस को किसानों को आज तक भाजपा सरकार ने नहीं दिया है जिसका की फंड रिलीज हो चुका था। पिछले 3 सालों में केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी बढ़ाई गई है जो कि लगभग 258 के आसपास है उसे भी सरकार छुपा रही है और समर्थन मूल्य में जो धान खरीदी की जा रही है उस राशि को जोड़कर किसानों को नहीं दिया जा रहा है।

आम आदमी पार्टी की मुख्य मांग है कि :
1. पटवारियों की जायज मांगे सरकार तुरंत माने और पीवी ऐप के जरिए जबरन काम कराने के बजाय इसे पहले की तरह भुइंया पोर्टल के माध्यम से सुगम तरीके से संचालित किया जाए।
2. कांग्रेस सरकार का बकाया बोनस किसानों को दिया जाए।
3. केंद्र द्वारा 3 साल में बढ़ी हुई एमएसपी की राशि समर्थन मूल्य में अतिरिक्त जोड़कर 3358 रूपये से किसानों से धान ख़रीदा जाए।
4. देरी ना करते हुए 1 नवम्बर से अनिवार्य रूप से धान खरीदी करे सरकार ताकि समय सीमा पर सभी किसान अपना धान बेंच सकें।

इन सभी मांगों को लेकर यदि सरकार निर्णय नहीं लेती है तो आने वाले समय में आप आधी पार्टी किसानों के साथ मिलकर प्रदेश में बड़ा आंदोलन करेगी।

 

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