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एनआईटी रायपुर और सीएमडीसी ने खनन व खनिज क्षेत्र में एआई-आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने किए हस्ताक्षर

 

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रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर स्थित मेइटी इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई-सीओई) और एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एनआईटी आरआरएफआईई) ने छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ज्ञापन एनआईटी रायपुर में संपन्न हुआ, जिस पर एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव तथा सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक संजय कनकने ने हस्ताक्षर किए।
यह पाँच वर्षीय समझौता ज्ञापन खनन और खनिज क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक प्रौद्योगिकियों के उपयोग के लिए दोनों संस्थानों के बीच एक सशक्त ढाँचा तैयार करता है। इसका मुख्य उद्देश्य उद्योग की वास्तविक चुनौतियों को एनआईटी रायपुर की अनुसंधान क्षमताओं, एनआईटी आरआरएफआईई के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और विद्यार्थियों-स्टार्टअप्स की प्रतिभा से जोडऩा है। इस साझेदारी के तहत सीएमडीसी द्वारा वास्तविक उपयोग के उदाहरण और समस्या विवरण साझा किए जाएंगे, जिसके आधार पर एआई-सीओई के शोधकर्ता और इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स तकनीकी समाधान और प्रोटोटाइप विकसित करेंगे। साथ ही, क्षेत्रीय स्तर पर इन समाधानों का परीक्षण और फील्ड वैलिडेशन भी किया जाएगा।

इस सहयोग के संभावित प्रमुख क्षेत्रों में एआई-आधारित खनिज अन्वेषण एवं संसाधन आकलन, रिमोट सेंसिंग, जीआईएस तथा कंप्यूटर विज़न आधारित खनन क्षेत्रों की निगरानी, खनिज प्रशासन के लिए डेटा विश्लेषण एवं निर्णय-सहायता उपकरणों का विकास, तथा खदान से अंतिम गंतव्य तक खनिजों की आवाजाही में पारदर्शिता व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी डिजिटल अभिरक्षा शृंखला प्रणाली का विकास शामिल है। इसके अतिरिक्त, इस साझेदारी के अंतर्गत छात्रों और शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शन, इंटर्नशिप, प्रशिक्षण कार्यक्रम, हैकाथॉन और संयुक्त जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। यह पहल राज्य के खनन एवं खनिज क्षेत्र में तकनीकी बदलाव लाने के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

इस कार्यक्रम में सीएमडीसी की ओर से मुख्य महाप्रबंधक संजय कनकने, महाप्रबंधक यू. के. कुरैशी और सहायक भूवैज्ञानिक डॉ. अभिषेक देवांगन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल समन्वय एआई-सीओई के प्रधान अन्वेषक डॉ. अनुज के. शुक्ला और एनआईटी आरआरएफआईई के सहायक कुलसचिव व प्रभारी अधिकारी पवन कटारिया द्वारा किया गया। इसमें एनआईटी आरआरएफआईई की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेधा सिंह और इन्क्यूबेशन प्रबंधक सुनील दीवांगन का भी विशेष सहयोग रहा। यह संपूर्ण पहल एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव तथा एनआईटी आरआरएफआईई के बोर्ड निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

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