छत्तीसगढ़प्रमुख खबरें

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने छापेमारी करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले रायपुर जिले के 15 उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई की है

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रायपुर: प्रदेश में औद्योगिक प्रदूषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मंडल द्वारा पिछले 15 दिनों (10 फरवरी से 25 फरवरी) के भीतर की गई सघन छापेमारी में नियमों का उल्लंघन करने वाली 15 औद्योगिक इकाइयों पर ताला जड़ दिया गया है।

इन उद्योगों में न केवल उत्पादन बंद करने के आदेश दिए गए हैं, बल्कि उनकी बिजली भी काट दी गई है। साथ ही, तीन उद्योगों पर कुल 9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (जुर्माना) भी अधिरोपित की गई है।

इन प्रमुख उद्योगों पर हुई कार्रवाई

मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा रायपुर जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान ग्राम चरौदा स्थित में. पुष्प स्टील एंड माइनिंग प्रालि (पूर्व नाम-इंडियन स्टील एंड पावर) में वायु प्रदूषण के गंभीर मामले सामने आए।

वहीं, सिलतरा स्थित मेसर्स एसकेए इस्पात प्रालि और उरला-गोंदवारा स्थित मे.छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स में भी प्रदूषण निवारण संयंत्रों की अनदेखी पाए जाने पर वायु अधिनियम की धारा 31(क) के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की गई।

मेटल पार्क में अवैध संचालन का भंडाफोड़

सबसे बड़ी कार्रवाई रावांभाठा स्थित मेटल पार्क में हुई, जहां 11 इकाइयां बिना किसी वैध सम्मति के संचालित हो रही थीं। इनमें नौ स्लैग क्रशर, एक बाइंडिंग वायर इकाई और एक स्टील फर्नीचर इकाई शामिल है। इन सभी इकाइयों में जल एवं वायु प्रदूषण फैलाया जा रहा था, जिसके चलते तत्काल प्रभाव से विद्युत विच्छेदन के आदेश जारी किए गए।

जीरो टालरेंस की नीति

मंडल ने स्पष्ट किया है कि जब तक ये उद्योग पर्यावरणीय मानकों और सम्मति शर्तों का पूर्ण पालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक उन्हें दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। क्षेत्रीय कार्यालय ने चेतावनी दी है कि औद्योगिक क्षेत्रों में निरंतर निगरानी जारी रहेगी और प्रदूषक उत्सर्जन करने वाली इकाइयों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।0

Related Articles

Back to top button