अपराजिता महिला सहायता केंद्र ने एक वर्ष में 35 मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं का कराया सफल पुनर्वास

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रायपुर। समाज कल्याण विभाग, जिला रायपुर द्वारा संचालित अपराजिता महिला सहायता केंद्र मानसिक रूप से अस्वस्थ, निराश्रित एवं बेसहारा महिलाओं के उपचार, देखभाल और पुनर्वास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, चिकित्सकीय उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा पुनर्वास की समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे सामान्य जीवन की मुख्यधारा से पुन: जुड़ रही हैं।

जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के दौरान केंद्र ने 35 मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं निराश्रित महिलाओं का सफल पुनर्वास कर उन्हें उनके परिजनों से मिलाया गया। इनमें रायपुर, दुर्ग, बालोद तथा कबीरधाम (कवर्धा) जिलों की महिलाएं शामिल थीं। जिन महिलाओं का तत्काल पारिवारिक पुनर्वास संभव नहीं था, उन्हें नियमानुसार नारी निकेतन, रायपुर में पुनर्वासित किया गया। केंद्र में महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार, दवाइयां, मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग, योग, प्राणायाम, मनोरंजक गतिविधियां, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा आत्मविश्वास बढ़ाने वाले कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है। वर्तमान में केंद्र में लगभग 80 महिला हितग्राहियों की देखभाल एवं उपचार किया जा रहा है। इसी क्रम में 08 महिलाओं के स्वास्थय में उल्लेखनीय सुधार होने पर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक अरविंद गेडाम के मार्गदर्शन में केंद्र की प्रभारी अधीक्षक शिखा वर्मा ने नारी निकेतन, रायपुर की अधीक्षिका रेखा मीना से समन्वय स्थापित किया।



