बुराइयों के रावण का ज्ञान के राम से होगा अंत
महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में बच्चों को दशहरा मनाने से पहले बताया गया पर्व का महत्व

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रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में नवमी – विजयादशमी की छुट्टी लगने से पहले शुक्रवार को मार्निंग असेंबली में दशहरा उत्सव मनाया गया। इस दौरान बच्चों ने अपनी सुंदर नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि समाज में फैली हुई बुराइयों के दशानन को ज्ञान रूपी श्रीराम से नष्ट किया जा सकता है। पूरे कार्यक्रम का मार्गदर्शन ग्रीन हाउस इंचार्ज शिक्षिका रेणुका शुक्ला ने किया।शिक्षिका अपर्णा आठले ने बताया कि दशहरे से पहले ही स्कूल के बच्चों ने इस त्योहार को धूमधाम से मनाया। मार्निंग असेंबली का संचालन पांचवीं की दिव्या ने किया। वहीं लव पाठक ने छात्रों को प्रतिज्ञा दिलाई। इस अवसर पर पलक साहू, आरुषि सेन, गुंजिता साहू, अभिज्ञा शुक्ला, डी जयराम, मुतुल बाघ और होसी सोनवानी ने नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों को दर्शाते हुए ज्ञान के माध्यम से उन्हें नष्ट करने का मंचन किया। बच्चों ने समाज में फैली दहेज प्रथा, बाल विवाह, भ्रूण हत्या, अंध विश्वास, निर्धन परिवार के बच्?चों को शिक्षा के माध्यम से हराने की वर्णन किया।
प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे ने बच्चों को असेंबली के अंत में अधर्म पर धर्म की जीत के पर्व दशहरा पर जानकारी देते हुए इसका महत्व भी बताया। उन्होंने बताया कि आज के परिवेश में रावण के 10 रूप अन्याय, लोभ, मोह, कर्म, अनिति, अहंकार, क्रोध, घमंड, ईष्या, स्वार्थ और मोह हैं। इन 10 रूपों को अपने अंदर से ही मारकर हम बाहर रावण का सार्थक वध कर सकते है और दशहरा पर्व मना सकते हैं। साथ ही एक अच्छे अनुशासित नागरिक का धर्म भी निभा सकते हैं।



