आज एपल इवेंट में नहीं आएगा बेस आईफोन 18:पहला फोल्डेबल फोन और प्रो मॉडल्स लॉन्च होंगे, 10 साल से तैयार हो रहा था


एपल आज 9 सितंबर को होने वाले अपने एनुअल इवेंट में स्टैंडर्ड आईफोन 18 लॉन्च नहीं करेगी। इस इवेंट में सिर्फ तीन प्रीमियम डिवाइस आईफोन 18 प्रो, आईफोन 18 प्रो मैक्स और कंपनी का पहला फोल्डेबल आईफोन पेश होने की उम्मीद है। इसकी वजह मेमोरी चिप की बढ़ती लागत है। इसके अलावा वियरेबल्स सेगमेंट में नई वॉच और एयरपॉड्स भी पेश किए जाएंगे। 1 सितंबर को टिम कुक के पद छोड़ने के बाद नए सीईओ बने जॉन टर्नस का यह पहला प्रजेंटेशन होगा। इवेंट भारतीय समयानुसार आज रात 10:30 बजे शुरू होगा, जिसे एपल की वेबसाइट पर लाइव देख सकते हैं।
पहला फोल्डेबल आईफोन: खुलने पर आईपैड मिनी जितना बड़ा हो सकता है
- डिस्प्ले: इसमें 5.5 इंच की कवर स्क्रीन और 7.6 से 7.8 इंच की इनर फोल्डेबल स्क्रीन मिलेगी, जो अनफोल्ड होने पर आईपैड मिनी जैसा फील देगी। अनफोल्ड होने पर इसकी थिकनेस सिर्फ 4.5mm रहेगी। इसमें 5000mAh या उससे बड़ी बैटरी दी जा सकती है।
- सिक्योरिटी में बड़ा बदलाव: फोल्डेबल फॉर्म-फैक्टर के चलते फेस ID की जगह टच ID दी जाएगी। दोनों स्क्रीन पर पंच-होल फ्रंट कैमरा और रियर में डुअल कैमरा सेटअप मिलेगा।
- चिपसेट और कलर: इसमें A20 चिपसेट मिलेगा। फोन 2 रंगों में आ सकता है। इसकी अनुमानित कीमत 2 से 2.5 हजार डॉलर यानी करीब ₹2.36 लाख हो सकती है।
आईफोन 18 प्रो और प्रो मैक्स: छोटा डायनामिक आइलैंड और वेरिएबल अपर्चर
प्रो लाइनअप में डिजाइन आईफोन 17 Pro जैसा ही एल्युमीनियम बिल्ड और बैक ग्लास के साथ रहेगा, लेकिन फीचर्स में बड़े बदलाव होंगे:
- छोटा डायनामिक आइलैंड: स्क्रीन पर मौजूद पंच-होल डायनामिक आइलैंड का साइज पहले से काफी कॉम्पैक्ट किया गया है। कैमरा 48 मेगापिक्सल का ही मिलेगा।
- 2nm चिप और C2 मॉडम: बेहतर स्पीड और एफिशिएंसी के लिए फोन में 2-नैनोमीटर चिपसेट और नया C2 मॉडम मिलेगा। बड़ी बैटरी की वजह से थिकनेस थोड़ी बढ़ सकती है।
- DSLR कैमरे जैसा अपर्चर: आईफोन 18 प्रो मैक्स या दोनों प्रो मॉडल्स के मेन कैमरे में वेरिएबल अपर्चर मिल सकता है। इससे लो-लाइट और डेप्थ कंट्रोल बेहतर होगा।
- नए कलर्स: सिल्वर, मैट ब्लैक के अलावा ‘लाइट ब्लू’ और ‘चेरी’ कलर आ सकता है।
कई कमियां भी हो सकती है
फोल्डेबल आईफोन में एपल के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्क्रीन, हिंज, कैमरा, बैटरी और फोन की मोटाई को सही तरीके से बैलेंस करने की है। फोन को बार-बार खोलने-बंद करने के बाद भी हिंज मजबूत रहना चाहिए और स्क्रीन के बीच में पड़ने वाली क्रीज भी ज्यादा नजर नहीं आनी चाहिए। साथ ही, फोन खुलने पर बड़ी स्क्रीन मिले, लेकिन बंद करने पर यह बहुत मोटा न लगे। कैमरे को लेकर भी समझौता करना पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पीछे दो कैमरे, मेन और अल्ट्रा-वाइड होंगे, यानी टेलीफोटो कैमरा नहीं मिलेगा। बड़ी स्क्रीन को चलाने के लिए बैटरी भी दमदार चाहिए, लेकिन बैटरी बड़ी करने से फोन मोटा हो सकता है।
फोन की भारत में शुरूआती कीमत कीमत ₹2.20 लाख हो सकती है
एपल ने शुरुआत में अमेरिका में इसकी कीमत करीब 1,999 डॉलर रखने का लक्ष्य रखा था, यानी 2,000 डॉलर की मनोवैज्ञानिक सीमा से थोड़ा नीचे। लेकिन हाल के महीनों में कंपनी ने 2,199 डॉलर तक की कीमत पर भी विचार किया है। कुछ ज्यादा स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत करीब 3,000 डॉलर तक पहुंच सकती है। भारत में लगभग ₹2.20 लाख हो सकती है और प्रो मॉडल का सबसे महंगा आईफोन 3 लाख से ज्यादा का हो सकता है।
फोल्डेबल आईफोन के पीछे एपल की करीब 10 साल की मेहनत
एपल का पहला फोल्डेबल आईफोन बनाने में एक-दो साल नहीं लगे। इस पर कंपनी करीब 10 साल से काम कर रही थी। शुरुआत में आइडिया ऐसा था कि डिवाइस आईपैड मिनी की तरह खुले और बड़ा टैबलेट बन जाए। बाद में कंपनी ने फोकस बदला और फोल्डेबल आईफोन बनाने पर काम शुरू किया। इस बदलाव में पूर्व CEO टिम कुक की बड़ी भूमिका रही। करीब 2020 में एशिया के दौरे के समय उन्होंने लोगों को सेमसंग, हुवाई और दूसरी कंपनियों के फोल्डेबल फोन इस्तेमाल करते देखा। लौटने के बाद उन्होंने एपल में इस प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उनका मानना था कि एपल को भी इस तेजी से बढ़ते बाजार में उतरना चाहिए।
एपल के सामने 4 बड़ी मुश्किलें थीं
1. स्क्रीन पर पड़ने वाली क्रीज
फोल्डेबल फोन की स्क्रीन पर बीच में एक लाइन यानी क्रीज नजर आती है। एपल ऐसी स्क्रीन बनाना चाहता था, जिसमें यह क्रीज बहुत कम दिखाई दे।
2. हिंज को मजबूत बनाना
फोन को बार-बार खोलने-बंद करने के लिए हिंज, यानी जॉइंट मजबूत होना जरूरी था। एपल ने इसके लिए टाइटेनियम और एल्युमिनियम से बना नया हिंज सिस्टम तैयार किया।
3. स्क्रीन के लिए खास ग्लास
फोल्डेबल स्क्रीन खास ग्लास की जरूरत होती है। इसलिए एपल ने कॉर्निंग के साथ मिलकर ऐसा कवर ग्लास तैयार किया, जो मुड़ भी सके और स्क्रीन को सुरक्षा भी दे।
4. कैमरा-पार्ट्स को फिट करना
फोन पतला रखना और कैमरे के साथ जरूरी पार्ट्स की जगह बनाने की चुनौती थी, साथ ही स्क्रीन का ज्यादा हिस्सा इस्तेमाल हो सके। एपल को कंपोनेंट्स की जगह ऐसे तय करनी थी कि फोन खुलने-बंद होने पर भी डिजाइन करने और इस्तेमाल में कोई दिक्कत न आए।
एपल वॉच 12, वॉच अल्ट्रा 4 और नए एयरपॉड्स भी आएंगे
आईफोन के अलावा इवेंट में कंपनी अपने वियरेबल्स इकोसिस्टम को भी बड़ा अपग्रेड देगी। स्टेज से नई स्मार्टवॉच और ऑडियो डिवाइसेज पेश किए जाएंगे:
- एपल वॉच सीरीज 12: रेगुलर लाइनअप में नए और ज्यादा पावर-एफिशिएंट S-सीरीज प्रोसेसर के साथ वॉच 12 आएगी। इसमें बेहतर स्लीप ट्रैकिंग, प्रेडिक्टिव हेल्थ अलर्ट्स और पहले से ब्राइट डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है। यह आउट-ऑफ-द-बॉक्स नए watchOS 27 पर काम करेगी।
- एपल वॉच अल्ट्रा 4: एक्सट्रीम स्पोर्ट्स और आउटडोर यूजर्स के लिए डिजाइन की गई अल्ट्रा सीरीज में इस बार और ज्यादा मजबूत टाइटेनियम चेसिस के साथ बड़ी बैटरी मिल सकती है। इसमें सैटेलाइट कनेक्टिविटी और डीप-डाइविंग फीचर्स को और ज्यादा एक्यूरेट किया गया है।
- नेक्स्ट जेनरेशन एयरपॉड्स: नए एयरपॉड्स लाइनअप में एक्टिव नॉइज कैंसलेशन (ANC) और इन-इयर ऑडियो एक्सपीरियंस को बेहतर करने के लिए नई H-सीरीज चिप दी जाएगी। साथ ही, चार्जिंग केस में सीरी AI और ‘फाइंड माय’ नेटवर्क के लिए बेहतर सपोर्ट देखने को मिलेगा।
मेमोरी चिप महंगी हुई, दाम बढ़ाते तो फोन नहीं बिकता
कंपनी प्रो मॉडल में तो लागत का यह दबाव किसी तरह झेल सकती है, क्योंकि प्रो ग्राहक ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं। लेकिन बेस मॉडल में लागत बढ़ने का सीधा असर या तो कंपनी के मुनाफे पर पड़ता या ग्राहकों पर। इसी वजह से एपल ने बेस मॉडल के लॉन्च को टाल दिया है। 2025 में 256GB प्रो मॉडल के कुल कंपोनेंट खर्च में मेमोरी का हिस्सा 10% था। 2026 में यह 34% हो गया। 2027 तक इसके 40% के पार जाने का अनुमान है।
दो स्टैंडर्ड आईफोन के बीच 18 महीने का गैप
एपल हर साल सितंबर में नया बेस आईफोन पेश करता है, लेकिन इस बार आईफोन 18 के लिए 2027 की शुरुआत तक इंतजार करना होगा। ऐसे में दो बेस मॉडल्स के बीच करीब डेढ़ साल का फर्क आ जाएगा। एपल के इतिहास में यह अब तक का सबसे लंबा इंतजार होगा।
कौन-से प्रोडक्ट्स 9 सितंबर के इवेंट से बाहर रहेंगे?
एपल इवेंट का फोकस सिर्फ फोल्डेबल फोन और प्रो मॉडल्स पर रखना चाहता है, ताकि ध्यान न भटके। इसलिए कई डिवाइसेज को बाद के महीनों के लिए रोका जा सकता है:
2027 के लिए टले: आईफोन 18, आईफोन 18e और सेकंड जनरेशन आईफोन एयर।
नए CEO जॉन टर्नस का पहला कीनोट, सीरी AI बीटा का होगा ऐलान
इस इवेंट के जरिए एपल में नए लीडरशिप युग की शुरुआत हो रही है। लंबे समय तक कमान संभालने वाले टिम कुक की जगह नए सीईओ जॉन टर्नस पहली बार एपल पार्क के स्टेज से कीनोट देंगे। कंपनी सीरी AI बीटा को आम यूजर्स के लिए रोलआउट करने की तारीख घोषित कर सकती है।
कीनोट के बाद लाइव होंगे iOS 27 समेत अन्य OS
इवेंट खत्म होते ही कंपनी अपने नए सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम के पब्लिक रोलआउट की तारीखें जारी करेगी। इनमें iOS 27, iPadOS 27, macOS गोल्डन गेट, tvOS 27, watchOS 27 और visionOS 27 शामिल हैं। आम तौर पर कीनोट के एक हफ्ते के भीतर ये अपडेट्स सभी सपोर्टेड डिवाइसेज पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाते हैं। इसके साथ ही Apple Watch Series 12, Apple Watch Ultra 4 और नए AirPods की बिक्री की तारीखें भी साफ होंगी।
आईफोन 18 प्रो और मैक्स लॉन्च के बाद बंद होंगे ये मॉडल्स
एपल हर साल नए आईफोन लॉन्च के बाद कुछ पुराने मॉडल्स को बंद करता है, खासकर प्रो मॉडल्स। ताकि लोग नए मॉडल्स खरीदें। इसके अलावा, जो मॉडल्स 5 से 7 साल पहले लॉन्च हुए हैं वो भी बंद हो सकते हैं। हालांकि, फ्लिपकार्ट और अमेजन पर ये मॉडल्स स्टॉक खत्म होने तक बिकेंगे।



