ब्लू वाटर खदान में युवक की मौत के लिए खदान मालिक और माइनिंग इंस्पेक्टर जिम्मेदार -सूरज उपाध्याय, मुख्य प्रवक्ता, आप
ब्लू वाटर खदान मौत में खदान मालिक और माइनिंग इंस्पेक्टर मृतक के परिवार को 50 लाख का मुआवजा दें-सूरज उपाध्याय, मुख्य प्रवक्ता, आप

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रायपुर। आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने नवा रायपुर के नकटी स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे युवक का शव चार दिनों बाद भी बरामद नहीं होने को प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताते हुए कहा है कि लगभग 400 फीट गहरी इस खदान में राहत एवं बचाव कार्य के लिए स्थानीय प्रशासन के पास पर्याप्त आधुनिक उपकरण तक उपलब्ध नहीं होना बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है।उन्होंने कहा कि ब्लू वाटर खदान में पहले भी हादसे होते रहे हैं और लोगों की जान जा रही है, इसके बावजूद यहां सुरक्षा के स्थायी इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है, न चेतावनी बोर्ड और न ही किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक बचाव उपकरणों की व्यवस्था दिखाई देती है। हादसा होने के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव तक पहुंचने की बन रही है। जब प्रशासन को खदान की गहराई और यहां होने वाले हादसों की जानकारी है तो पहले से ही डीप-डाइविंग, रेस्क्यू टीम, आधुनिक गोताखोरी उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? चार दिन तक शव का बरामद नहीं होना व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि खदान का परमिशन और खदान का क्लोजिंग कब हुआ इस पर सवाल उठाये। इस मौत पर खदान मालिक और खदान इंस्पेक्टर पूरी तरह जिम्मेदार है, इतने दिनों से प्रशासन को खुली खदान क्यों नहीं दिखी? वहां बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाया गया, इस पर सरकार की घोर लापरवाही हुई है। कुछ दिन पूर्व जब पुलिस प्रशासन ने गरीबों का पास में ही घर उजाड़े थे तो पुलिस को क्या यह खदान नहीं दिखी, इसमें पुलिस प्रशासन की भी लापरवाही है।
उन्होंने कहा कि ब्लू वाटर खदान सहित प्रदेश की सभी ऐसी गहरी खदानों और जलाशयों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए तथा खतरनाक स्थानों पर प्रवेश रोकने के लिए बैरिकेडिंग, सुरक्षा गार्ड, चेतावनी बोर्ड और निगरानी की स्थायी व्यवस्था की जाए। हादसे के बाद सिर्फ राहत कार्य करना पर्याप्त नहीं है, सरकार को हादसे रोकने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। यदि किसी स्थान पर बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं और उसके बावजूद सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले पर खदान मालिक और माइनिंग इंस्पेक्टर की लापरवाही है उन दोनों की जवाबदेही मानते हुए मृतक के परिवार को 50 लाख मुआवजा दिया जाये।



