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शिक्षक डायरी में रखेंगे छात्रों का रिकॉर्ड:हर महीने मैपिंग से लगेगा पता क्या हुआ सुधार

 

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छत्तीसगढ़।  सरकारी स्कूलों में अब सिर्फ बच्चों की उपस्थिति ही नहीं, बल्कि उनके शैक्षणिक प्रदर्शन में होने वाले सुधार से शिक्षकों के कामकाज का आकलन किया जाएगा। इसके लिए हर कक्षा के बच्चों की ‘ग्रीन-येलो-रेड’ मैपिंग की जाएगी। हर महीने यह देखा जाएगा कि कमजोर और औसत प्रदर्शन वाले कितने बच्चे बेहतर कैटेगरी में पहुंचे। इसके तहत शिक्षक अपनी टीचर्स डायरी में कक्षा के विद्यार्थियों का रिकॉर्ड दर्ज करेंगे। बच्चों को प्रदर्शन के आधार पर तीन कैटेगरी में बांटा जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चे ग्रीन जोन, औसत प्रदर्शन वाले येलो जोन और कमजोर प्रदर्शन वाले बच्चे रेड जोन में रखे जाएंगे। इसके बाद हर महीने बच्चों की प्रगति की समीक्षा होगी।

इसमें खासतौर पर रेड जोन के बच्चों के प्रदर्शन में सुधार पर फोकस रहेगा। देखा जाएगा कि कितने बच्चे रेड से येलो और येलो से ग्रीन जोन में पहुंचे। इसी प्रगति के आधार पर शिक्षकों की रेटिंग और प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इस व्यवस्था के संबंध में योजना बनाने की जिम्मेदारी समग्र शिक्षा को दी गई है। विभाग टीचर्स डायरी में रिपोर्ट कार्ड को शामिल करने की योजना तैयार कर रहा है। आगे एआई की मदद से स्कूलों का डेटा तैयार कर मॉनिटरिंग को आसान बनाने की तैयारी है।

शिक्षक भर्ती: व्याख्याता के लिए आवेदन जल्द

शासकीय स्कूलों में 5000 पदों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें सहायक शिक्षक के 2292 पद और शिक्षक के 1654 पदाें पर वैकेंसी निकल चुकी है। व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती होगी। इसके लिए कर्मचारी चयन मंडल को शिक्षा विभाग से प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसी तरह स्वामी आत्मानंद एवं विवेकानंद विद्यालयों में 3000 से अधिक पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।

परीक्षा परिणाम में सुधार सीजी बोर्ड कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में इस साल लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आगामी वर्षों में भी परीक्षा पूर्व समीक्षा, ब्लूप्रिंट निर्माण एवं अध्यापन, पालक-शिक्षक बैठकों तथा केंद्रीकृत परीक्षाओं के माध्यम से परीक्षा परिणाम सुधारने पर जोर दिया गया है। इसी तरह शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक एवं टीके एप्प के माध्यम से उपस्थिति व्यवस्था लागू की गई है।

बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा

प्रदेश में बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। बस्तर संभाग के लिए 2700 और सरगुजा संभाग में 2368 शिक्षकों का प्रशिक्षण किया गया है। पहली से तीसरी तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी को शिक्षा के माध्यम के अनुरूप पाठ्यपुस्तक निर्माण की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति दो साल पहले लागू हुई। इसके तहत कक्षा पहली एवं दूसरी की हिंदी पुस्तकों में बारहखड़ी को शामिल किया गया। 16 स्थानीय तथा 4 अंतरराज्यीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकों का निर्माण किया गया।

10538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण, 15 हजार शिक्षकों का समायोजन स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शुक्रवार को विभाग के दो वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने बताया कि 10538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण कर 15165 शिक्षकों व प्राचार्यों का समायोजन किया गया। 453 शिक्षकविहीन और 4729 एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। दो साल में 2104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती हुई, जबकि 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम, नवा रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों की उपलब्धता एवं पदोन्नति, भर्ती प्रक्रिया, विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं, विद्यालय अधोसंरचना, बहुभाषी शिक्षा तथा तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। इस दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह उपस्थित रहे।

 

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