कृषि विवि पेपर लीक मामला.छह आरोपियों की गिरफ्तारी

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक और प्रशासनिक हलकों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के दूसरे सेमेस्टर की कीट विज्ञान परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से ठीक पहले लीक हो गया। इस गंभीर मामले में राज्य पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए दुर्ग के एक निजी कॉलेज के प्रोफेसर समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 20 अगस्त को यह परीक्षा आयोजित होनी थी। प्रश्नपत्र पहले ही सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए थे, लेकिन परीक्षा शुरू होने से महज दो घंटे पहले ही पूरा पर्चा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप पर धड़ल्ले से प्रसारित होने लगा।जैसे ही विश्वविद्यालय प्रबंधन तक इस बात की भनक लगी, बिना कोई देर किए तत्काल प्रभाव से परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया गया। कवर्धा कॉलेज के अधिष्ठाता और बिलासपुर के एक कॉलेज द्वारा ई-मेल के जरिए विश्वविद्यालय को इसकी आधिकारिक शिकायत दी गई थी, जिसके बाद तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

* पांच जिलों में छापेमारी और छह आरोपियों की गिरफ्तारी
मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने रायपुर, दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव और बिलासपुर सहित कुल पांच जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। तकनीकी जांच और मोबाइल चैट के आधार पर पुलिस कडिय़ों को जोड़ते हुए मुख्य आरोपी यानी दुर्ग के निजी कॉलेज के प्रोफेसर तक जा पहुंची। पूछताछ के दौरान सामने आया कि पर्चा दुर्ग से निकलकर कवर्धा के छात्रों तक पहुंचा और फिर वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से अन्य विद्यार्थियों में फैल गया। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े कई छात्रों से भी लंबी पूछताछ की है और कवर्धा के दो छात्रों को नोटिस देकर रायपुर बुलाया गया है।



