दिव्यांगजनों के सपनों को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन देगी आसान ऋण, ट्रेनिंग और बाजार की गारंटी

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जगदलपुर। दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्वावलंबन की दिशा में सशक्त कदम उठाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को कलेक्टोरेट के आस्था कक्ष में दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें निगम के अध्यक्ष लोकेश कावडिय़ा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर समय पर ऋण (लोन) की अदायगी करने वाले ईमानदार एवं सफल हितग्राहियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही नए व्यवसाय और स्व-रोजगार की इच्छा रखने वाले दिव्यांग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री लोकेश कावडिय़ा ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन दिव्यांगजनों के कल्याण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के तहत दिव्यांगजनों को अत्यंत रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें 50 हजार रुपये तक का ऋण मात्र 5 प्रतिशत ब्याज दर पर, 5 लाख रुपये तक का लोन 6 प्रतिशत ब्याज दर पर और 10 लाख रुपये तक का लोन 7 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध है। परियोजना की आवश्यकता के अनुसार 50 लाख रुपये तक का लोन प्रदान करने का प्रावधान भी रखा गया है। उन्होंने हितग्राहियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप समय पर ऋण की किस्तें चुकाने वालों को 25 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, किस्तों के भुगतान को सुलभ बनाने के लिए प्रतिदिन 100 रुपये जैसी दैनिक किस्त भुगतान प्रणाली की नई व्यवस्था भी शुरू की गई है।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन राज्य शासन की मंशा के अनुरूप आवेदनों का त्वरित निस्तारण कर रहा है और दिव्यांगजनों की हर संभव सहायता के लिए तत्पर है। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती सुचेता लकड़ा, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में दृष्टिबाधित और अन्य दिव्यांग बच्चों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित हर्बल साबुन, मालाएं और क्राफ्ट्स प्रदर्शित किए गए, जिनकी उपस्थित अतिथियों ने मुक्तकंठ से सराहना की।



