आज से बम-बम भोले की गूंज,शिव भक्त निकालेंगे कांवड़ यात्रा

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रायपुर। आज से चहुं ओर बम-बम भोले की गूंज सुनाई पडऩे लगी है। शिव मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला अब महीने पर चलेगा। सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही भगवान शिव के भक्तों की सबसे बड़ी और धार्मिक कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाती है। शिव भक्त पवित्र नदियों के तटों पर पहुंचने के लिए पैदल यात्रा करते हैं। इस दौरान भक्त अपने कंधों पर कांवड़ लेकर हर-हर महादेव के जयकारों के साथ यात्रा करके शिव मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं। हिंदू पंचांग के मुताबिक सावन के महीने की शुरूआत के साथ ही कांवड़ यात्रा की शुरूआत हो जाती है। इस बार आज से यानी की 30 जुलाई 2026 से सावन माह की शुरूआत हुई है।

क्यों निकलती है कांवड़ यात्रा
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला, तो भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया था। विष के प्रभाव से महादेव का कंठ नीला पड़ गया और उनके शरीर का ताप अधिक बढ़ गया।भगवान शिव के शरीर के ताप और जलन को शांत करने के लिए देवताओं और परम शिव भक्त रावण ने पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। तभी से सावन महीने में गंगाजल से शिवलिंग का जलाभिषेक करने और कांवड़ यात्रा निकालने की परंपरा चल रही है।



