पहली बारिश में शहर डूबा:इसी चिंता में विशेष सामान्य सभा बुलाई, 9 घंटे हंगामा पर जिम्मेदारी लेने कोई तैयार नहीं; पार्षदों ने कहा- अफसर लापरवाह

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राजधानी जलभराव, पानी सप्लाई, अतिक्रमण, सफाई और अवैध प्लॉटिंग पर बस बातें… स्थायी समाधान कुछ भी नहीं निकला

मानसून की पहली बारिश में राजधानी डूब गई। जलभराव रोकने सोमवार को विशेष सामान्य सभा बुलाई गई। 9 घंटे तक पक्ष-विपक्ष में बहस होती रही। पार्षदों ने हंगामा भी किया। लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि इस समस्या की जवाबदारी लेने के लिए तैयार नहीं हुआ। पक्ष-विपक्ष सबने मिलकर पूरा ठीकरा अफसरों पर फोड़ दिया। अफसरों को बेहद लापरवाह बताया गया। यह तक कहा गया कि वे फील्ड में जाते ही नहीं है। यही वजह है कि सभा के आखिर में तय किया गया कि जलभराव की समस्या को खत्म करने निगम कमिश्नर सभी नालों का सीमांकन कराने के साथ ही वहां हुए अवैध कब्जे को भी हटाएंगे।
राजधानी में पानी की सप्लाई, अतिक्रमण, अवैध प्लाटिंग, सफाई और जलभराव को लेकर विशेष सामान्य सभा बुलाई गई। इसमें 50 से ज्यादा पार्षदों ने अपनी बात रखते हुए जोन आयुक्त और अफसरों पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। एमआईसी से लेकर मेयर तक ने अफसरों की जवाबदेही तय करते हुए विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया। सुबह 11 बजे से शुरू हुई सभा रात 8 बजे तक चलती रही। आखिरी में पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि भी दी गई।
लंबी बहस के बाद ये लिए फैसले
- भविष्य में जलभराव रोकने सभी नालों का सीमांकन कराया जाएगा।
- जोन आयुक्तों और संबंधित पार्षदों से बात कर अवैध कब्जे हटाएंगे।
- सफाई, अवैध प्लाटिंग और पानी समस्या के लिए जवाबदेही तय होगी।
- पानी की कमी को खत्म करने अफसरों की जवाबदेही तय होगी।
पार्षद बोले- वार्डों में नहीं हो रहा काम
- प्रदीप वर्मा: पेयजल, नाली सफाई और अतिक्रमण हटाने बार-बार लिखित आवेदन देने के बावजूद अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे।
- अंजली गोलछा: अधिकारी फाइलों में उलझे हैं। आपात स्थिति में आयुक्त फोन नहीं उठाते, ऐसे में समस्या का समाधान कैसे होगा।
- शेख मुशीर: मौदहापारा बड़ा है, लेकिन सफाई कर्मचारी कम हैं। विकास काम के लिए लगातार प्रस्ताव दिए, लेकिन मंजूरी नहीं मिली।
- अर्जुमन ढेबर: सफाई के लिए बेहद कम कर्मचारी हैं। जनप्रतिनिधि फील्ड में रहते हैं, लेकिन अधिकारी दफ्तरों से बाहर नहीं आते।
भुगतान नहीं, ठेकेदारों का प्रदर्शन
निगम सभाकक्ष में विशेष सामान्य सभा के शुरू होने के थोड़ी ही देर बाद मुख्यालय के सामने ढोल लिए काले कपड़ों में निगम ठेकेदार संघ के सदस्य पहुंच गए। संघ अध्यक्ष दुर्गेश सिंह ठाकुर ने कहा कि महीनों से भुगतान को लेकर भटक रहे हैं। निगम द्वारा ही भूमिपूजन के नाम पर काम रुकवाया जाता है। जिससे निर्माण पूरा होने में देरी होती है। देरी के नाम पर ठेकेदारों को निशाना बनाया जाता है।
हमेशा की तरह… नेता प्रतिपक्ष-मेयर आरोप-प्रत्यारोप में लगे रहे
नेता प्रतिपक्ष ने जवाब की प्रति फाड़ी नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि जब सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है तो यूजर चार्ज क्यों बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण और सुझावों के बाद भी नालों की सफाई नहीं हुई, जलभराव रोकने की कार्ययोजना पर लिखित जवाब देकर खानापूर्ति की गई। इसे उन्होंने महापौर और एमआईसी की विफलता बताया। विरोध में अधिकारियों के लिखित जवाब की प्रति सदन में फाड़ दी।
15 वर्ष का कुप्रबंधन भुगत रहे: मेयर महापौर मीनल चौबे ने कहा कि शहर पिछले 15 साल के कुप्रबंधन का खामियाजा भुगत रहा है। नालों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण वर्षों से होते रहे हैं। अवैध नल कनेक्शनों के कारण वैध उपभोक्ताओं तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने सफाई, अतिक्रमण, जलभराव और अवैध प्लाटिंग के मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग सदन में रखी।



