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MP के लोगों को बड़ी राहत! ‘पैनिक होने की जरूरत नहीं रसोई गैस सिलेंडरों की कमी नहीं’, बोले सीएम मोहन यादव

 

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भोपाल। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो रही है। केंद्र सरकार ने वाणिज्यिक उपयोग वाले गैस सिलेंडर को लेकर प्राथमिकता के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है, जिसके पालन में मध्य प्रदेश में भी कलेक्टरों और कमिश्नरों को निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रियों और अधिकारियों के साथ खाड़ी देशों में उपजी परिस्थितियों के दृष्टिगत समीक्षा की और निर्देश दिए कि वे प्रदेश में बेहतर से बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करें। साथ ही प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि किसी को भी खाद्य पदार्थ, गैस या तेल आपूर्ति के लिए परेशान या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।

उपयोग को लेकर प्राथमिकता निर्धारित करें

बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने पेट्रोलियम पदार्थों के साथ रसोई व वाणिज्यिक (कमर्शियल) गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक कंपनियों के पास है। रसोई गैस की आपूर्ति में भी निरंतरता है। वाणिज्यिक गैस सिलेंडर के उपयोग को लेकर भारत सरकार ने प्राथमिकता निर्धारित की है। इसके अनुसार जरूरी सेवाओं (अस्पताल, शिक्षण संस्थान) को प्राथमिकता दी जाएगी। सेल्स सिस्टम और कंपनियों के पास जितना स्टॉक होना चाहिए, वह उपलब्ध है।

कालाबाजारी-जमाखोरी किसी भी सूरत में ना हो

प्रदेश में एक करोड़ 90 लाख रसोई गैस के उपभोक्ता हैं, जिनमें 92-93 प्रतिशत रसोई गैस वाले हैं। वाणिज्यिक गैस का उपयोग उद्योग, होटल, रेस्टोरेंट आदि में होता है। वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति में कुछ कमी आ सकती है, जिसका असर औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ सकता है। कलेक्टरों और कमिश्नरों को स्थिति से अवगत करा दिया है और कहा है कि वैकल्पिक साधनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें। जैसे होटल में बिजली से चलने वाले उपकरण का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए बल्क उपयोगकर्ताओं के साथ अन्य के साथ बैठक कर वाणिज्यिक गैस का विवेक पूर्ण उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें। कालाबाजारी और जमाखोरी किसी भी सूरत में ना हो, इसकी चिंता की जाए।

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