मामा-भांजा की लड़ाई, कोर्ट ने सुलझाई-लोक अदालत में भांजा ने किया मामा के साथ राजीनामा
लोक अदालत में होती है न्याय की जीत - भगवानू

सच तक इंडिया रायपुर, छत्तीसगढ़, दिनांक 13 जुलाई 2024। आज राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर में जिला न्यायालय रायपुर छत्तीसगढ़ में राजीनामा के माध्यम से अनेक मामले सुलझाए गए। इसी कड़ी में न्यायिक दंडाधिकारी कु आफरीन बानो के न्यायालय में मामा और भांजा का विवाद सुलझा। प्रार्थी भांजा कुलेश्वर देवांगन का आरोप है की मामा कमल देवांगन ना सिर्फ जायदाद के नाम पर अपने माता पिता के साथ लड़ाई झगड़ा और कलह करता है करता है बल्कि वह अपने जीजा-दीदी के साथ भी विवाद करता है । इस घटना दिनांक 22.10.2323 को समय 18.30 को आरोपी मामा कमल देवांगन ने भांजा कुलेश्वर देवांगन की वाहन एक्टिवा क्रमांक सीजी 04 एन एक्स 8974 को चोरी कर ले गया था जिसकी रिपोर्ट प्रार्थी ने पुलिस थाना अमानाका में दर्ज कराई थी जिसमें पुलिस ने आरोपी कमल देवांगन के विरुद्ध अपराध अंतर्गत धारा 379 भादवि अपराध क्रमांक 410/2023 पंजीबद्ध किया और पुलिस ने आरोपी कमल देवांगन को गिरफ्तार किया और न्यायालय के आदेश से जेल भेज दिया गया था। आज राष्ट्रीय लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी कु आफरीन बानो के द्वारा उपरोक्त प्रकरण क्रमांक 17622/2023 को सुलझा लिया गया। इस मामले में प्रार्थी कुलेश्वर देवांगन ने न्यायालय में उपस्थित होकर अपने मामा कमल देवांगन के साथ राजीनामा कर प्रकरण को समाप्त किया । प्रार्थी कुलेश्वर देवांगन की ओर से न्यायालय में अधिवक्ता भगवानू नायक और आरोपी की ओर से अधिवक्ता आशना चंद्राकर ने पैरवी किया। इस दौरान अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा लोक अदालत न्याय व्यवस्था का लोक प्रिय प्रक्रिया है जहां पर किसी की हार नही होती बल्कि न्याय की जीत होती हैu
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आज न्यायालय के इस कार्यवाही के दौरान अधिवक्ता भगवानू नायक, अधिवक्ता आशना चंद्राकर, लोक अदालत के सदस्यगण अधिवक्ता उर्वशी घोष, अधिवक्ता सुशीला साहू, अधिवक्ता पारस नायक, अधिवक्ता प्रदीप साहू, अधिवक्ता अर्चना गुप्ता, अधिवक्ता महेंद्र साहू आदि उपस्थित



