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श्रमिक विरोधी केंद्र सरकार का 4 श्रम संहिता लागू करना श्रमिकों के प्रति अन्याय-गोपाल साहू, प्रदेश अध्यक्ष, आप

सिर्फ पूंजीपतियों के लाभ के लिए चल रही केंद्र सरकार-गोपाल साहू

 

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रायपुर। आम आदमी पार्टी के प्रदेश गोपाल साहू ने कहा है कि मजदूर संगठनों के कड़े विरोध के बावजूद केंद्र सरकार ने उद्योगपतियों के हित में मजदूरों का शोषण करना चाहती है। 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को रद्द करके 4 श्रम संहिता मनमानी पूर्वक थोपना श्रमिकों के प्रति अन्याय है है। नये कानून में छंटनी/लॉकआउट के नियम उदार बनाकर नियोक्ताओं को ज्यादा शक्ति दी गई है। संघ बनाने, हड़ताल करने के अधिकारों पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं। ठेका वर्कर सुरक्षा को पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं किया गया है। काम के घंटे 12 तक बढ़ने की संभावना से श्रमिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और नया कानून मजदूरों के जीवन और आजीविका को संकट में डालने होगा। उन्होंने कहा है कि श्रम नीति 2025 का मसौदा केवल उद्योगपतियों के लिए है। इस कानून के द्वारा श्रमिकों का खून चूस कर पूंजीपतियों का पोषण करने की व्यवस्था की जा रही है। देश के श्रमिकों का अपमान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अपने पूंजीपति मित्रों अडानी अम्बानी के मुनाफे के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक प्रक्रिया को तक पर रख करोड़ों मजदूरों के हित प्रभावित होने वाले दो दर्जन से ज्यादा श्रम कानून, बिना चर्चा, बिना सदन में रखकर पास कर देना केंद्र सरकार का तानाशाही रवैया है। आम आदमी पार्टी इन 4 श्रम संहिता का पुरजोर विरोध करती है और सरकार से मांग करती है कि श्रमिकों के हित के लिए इन कानूनों में बदलाव किया जाए।

 

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