15 अक्टूबर बीत गया एक भी सड़क नहीं सुधरी – कांग्रेस
भाजपा के राज में पौने तीन साल में सड़के बदहाल हो गयी

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रायपुर/16 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी सड़कों के गड्ढे भरने की डेड लाइन तय किया था लेकिन एक भी सड़क नहीं सुधरी। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि पिछले पौने तीन सालों में भाजपा ने न कोई नई सड़क बनाया और न ही पुरानी सड़कों के मरम्मत के लिए एक रु. खर्च किया ।जिसका परिणाम है कि सड़के चलने लायक नहीं बची है सड़को में गड्ढे अधिक हो गए है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि सड़कों को प्रदेश के विकास की धमनी कहा जाता है, सरकार नई सड़के तो बना नहीं पा रही, पुराने सड़कों की मरम्मत जो नियमित प्रक्रिया है, वह भी पूरी तरह बंद है। छत्तीसगढ़ में साय सरकार का आधे से अधिक कार्यकाल गुजर चुका है लेकिन अभी तक केवल मंजूरी और स्वीकृति के फर्जी दावे से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। भाजपा के कुशासन में केवल भ्रष्टाचार का ही विकास हुआ है, सड़कों रखरखाव के जिम्मेदार अधिकारी मंत्रियों के परिजनों की तेरही के बंदोबस्त में रहे, आम जनता टैक्स चुकाकर भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। भाजपा के कुशासन में भ्रष्टाचार ही विकास है। शहरों से लेकर गांव सड़कों के गड्ढे तालाब बन चुके, नए पुल-पुलियों के स्लैब गिर रहे। उप मुख्य मंत्री जो कि पीडब्ल्यू डी मंत्री भी है अपनी जिम्मेदारी से बचने तथा सरकार की नाकामी से ध्यान हटाने अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा कर रील बना रहे है ।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि विगत पौने तीन साल में हजारों करोड़ पीडब्लूडी को बजट आबंटन किया गया जब सड़के बदहाल हैं तो यह राशि आखिर गई कहां? जो भी नए सड़क पुल पुलिया बने भी वे उद्घाटन से पहले या ठीक बाद ही जर्जर हो गए। पीडब्लूडी मंत्री के गृह जिले मुंगेली जिले के अमर टापू धाम में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल का स्लैब पहली ही ढलाई में गिर गया, निर्माण गुणवत्ता और विभागीय निगरानी, और भ्रष्टाचार की कलई खुल गई है। यह सरकार केवल कमीशनखोरी में मस्त है। निर्माण में घटिया सामग्री, तकनीकी लापरवाही और ठेकेदारों से अनुचित वसूली की वजह से ही यह हादसा हुआ। गरियाबंद जिले में कोसुमबूड़ा पुल तेज बहाव में टूट गया, जिससे दस से ज्यादा गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया। अब ग्रामीणों को अस्पताल, स्कूल, बाजार और बैंक तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूरजपुर जिले के सुखदेवपुर नाला में टूटी पुलिया और अधूरे रपटा की वजह से स्कूली बच्चों, महिलाओं और किसानों को रोज जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार करना पड़ रहा है। परिजन बच्चों को कंधे पर बैठाकर स्कूल पहुंचा रहे हैं, जबकि किसान ट्रैक्टर और मवेशियों के साथ बड़ी मुश्किल से आवाजाही कर रहे हैं। पामगढ़, रायगढ़, कवर्धा, मुंगेली सहित प्रदेश की जनता सड़कों में गड्डो पर भरे पानी में नहाते हुए वीडियो बनाकर इस सरकार की नाकामी को उजागर कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि भ्रष्टाचार के मामले में केंद्र सरकार के विभाग भी पीछे नहीं हैं, रायपुर विशाखापट्नम भारतमाल सड़क निर्माण से पहले ही दर्जनों जगहों पर दरक चुका है, सड़क से बनाएं गए ढलान बह चुके हैं, राख बिछाकर बिना तय प्रक्रिया के उसके ऊपर गुणवत्ताहीन सड़क बना दिया गया। राजनांदगांव जिले के ग्राम बरगा में रेलवे द्वारा लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ओवरब्रिज के लोकार्पण के महज एक महीने के भीतर ही पुल में चौड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं। पहली ही बारिश ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी। पुल की सड़क कई जगहों से फटकर दो हिस्सों में बंटती नजर आ रही है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। आम जनता के जान माल की चिंता इस सरकार को नहीं है।



