ग्राम मड़ेली में धूमधाम से मनाया गया ओबीसी दिवस
2027 की जनगणना में ओबीसी के लिए पृथक कॉलम तथा जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प


कुरूद। ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में बुधवार, 10 सितंबर को ग्राम मड़ेली (कचना), विकासखंड कुरूद में ओबीसी दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू, पूर्व विधायक लेखराम साहू, संगठन की प्रदेश कार्यसमिति के अध्यक्ष टिकेश्वर साहू, बामसेफ के भावसिंह डाहरे, दिनेश्वर बंजारे, भीम आर्मी एकता मिशन के जिला अध्यक्ष मिलाप साहू, विकास लहरे, लोकेश बघेल सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन को लेकर गांव में उल्लेखनीय उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, त्यागमूर्ति राम लखन चंदापुरी तथा शहीद चूल्हाई राम के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। अतिथियों के स्वागत के पश्चात उद्बोधन हुए। समापन पर नाश्ता एवं सेव-बूंदी का वितरण कर एक-दूसरे को ओबीसी दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।

संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू ने ओबीसी दिवस के ऐतिहासिक संदर्भ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 15 अगस्त 1947 के महज 25 दिन बाद, 10 सितंबर 1947 को त्यागमूर्ति राम लखन चंदापुरी ने पिछड़ा वर्ग को न्यायपालिका, विधायिका, कार्यपालिका, शिक्षा, रोजगार, व्यापार एवं उद्योग में जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी दिलाने हेतु सामाजिक न्याय के संघर्ष का शंखनाद किया था। उसी संघर्ष तथा त्यागमूर्ति राम लखन चंदापुरी एवं शहीद चूल्हाई राम जैसे समाजसेवियों के योगदान को स्मरण करते हुए प्रतिवर्ष 10 सितंबर को ओबीसी दिवस मनाया जाता है।
पूर्व विधायक लेखराम साहू ने ओबीसी समाज से अपने वोट और आर्थिक संसाधन समाजहित में सुरक्षित रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना कराकर जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी प्राप्त होने तक ओबीसी समाज का संघर्ष जारी रहेगा।
राष्ट्रीय प्रचारक टिकेश्वर साहू ने सामाजिक एकता और संगठन को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। मिलाप साहू ने युवाओं से अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए संगठित होने का आग्रह किया। भावसिंह डहरिया ने संवैधानिक अधिकारों एवं सामाजिक न्याय की लड़ाई को और सशक्त बनाने की बात कही। नारायण साहू ने ओबीसी समाज में जागरूकता और एकजुटता को वर्तमान की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम का संचालन चेतन साखरे, युवराज एवं शैलेन्द्र साहू ने किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अन्य उपस्थितजनों में दुर्ग जिला अध्यक्ष अंकालू राम साहू, युवराज सिंह; बालोद जिले से बल्दू राम साहू, घनाराम साहू, ताम्रध्वज साहू, चमरू राम, सुभाष साहू; रायपुर जिले से नारायण लाल साहू, पुराणिक साहू, मनहरण लाल साहू, आर.पी. साहू, मनोहर प्रसाद साहू; जिला संरक्षक चोवा राम साहू ,शिक्षक अविनाश साहू, षडानंद साहू, आशीष कुमार साहू, यशवंत साहू, ताराचंद साहू, तुलसी निषाद, अर्जुन साहू, टेमन साहू आदि शामिल रहे।



