मोदी मानहानि केस में राहुल गांधी की याचिका खारिज:हाईकोर्ट ने 2019 का समन रद्द करने से इनकार किया; राजस्थान में ‘चौकीदार चोर है’ कहा था

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बॉम्बे। हाईकोर्ट ने पीएम मोदी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी। उन्होंने 2019 में जारी मजिस्ट्रेट कोर्ट के समन को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने निचली अदालत में मानहानि की शिकायत पर सुनवाई छह हफ्ते तक टालने का आदेश बढ़ा दिया। इससे राहुल को इस अवधि में मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं होना पड़ेगा। उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल करने के लिए समय मांगा था। दरअसल, राहुल ने 2018 में राजस्थान की एक सभा में राफेल विमान डील पर पीएम को ‘चौकीदार चोर है’ कहा था। आरोप है कि उन्होंने 24 सितंबर को X पर वीडियो पोस्ट कर मोदी को कमांडर-इन-थीफ कहा था। इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 28 अगस्त 2019 को मानहानि की शिकायत पर राहुल के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी। राहुल ने इस आदेश को चुनौती दी थी।
शिकायतकर्ता बोले- राहुल के बयान से भाजपा कार्यकर्ता आहत हुए
- शिकायतकर्ता एमएच श्रीश्रीमल- वे BJP के सक्रिय सदस्य हैं और मोदी पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं। उनका दावा है कि राहुल के बयान से वे और BJP के अन्य सदस्य आहत हुए। इसी आधार पर उन्होंने मानहानि की शिकायत दर्ज कराई।
- राहुल के वकील सुदीप पसबोला और कुशल मोर- टिप्पणी पीएम के खिलाफ थी, BJP के खिलाफ नहीं। इसलिए शिकायतकर्ता को मानहानि का केस करने का अधिकार नहीं है।
- हाईकोर्ट जज- BJP के सदस्यों का एक निश्चित समूह है और पीएम पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं। ऐसे में बयान का असर पार्टी सदस्यों पर भी पड़ सकता है।हालांकि, कोर्ट ने कहा कि टिप्पणी का असर BJP सदस्यों पर पड़ा या नहीं, यह ट्रायल में सबूत और गवाहों के बयान से तय होगा।
- राहुल के वकील- सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए समय दिए जाए। शिकायतकर्ता के वकील ने इसका विरोध किया, क्योंकि मामला 2021 से रुका हुआ है।
राहुल गांधी के बयानों पर प्रमुख मानहानि केस
2019- मोदी सरनेम मामला
बयान: “सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों है?”
केस की स्थिति- पूर्णेश मोदी की शिकायत पर सूरत की अदालत में। 2023 में राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर रोक लगा दी।
2019- अमित शाह को “मर्डर का आरोपी” कहना
बयान: राहुल गांधी ने अमित शाह को “मर्डर का आरोपी” कहा था।
केस की स्थिति- BJP नेता कृष्णवदन ब्रह्मभट्ट ने अहमदाबाद की मजिस्ट्रेट अदालत में। इस बयान पर आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज हुई थी।
2022- वीर सावरकर पर टिप्पणी
बयान: राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सावरकर ने अंग्रेजों को डर के कारण माफीनामे लिखे थे।
केस की स्थिति- सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने महाराष्ट्र में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में अदालत में सुनवाई जारी है।
2018- “कमांडर-इन-थीफ” टिप्पणी
बयान: राफेल सौदे के विवाद के दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी को “कमांडर-इन-थीफ” कहा था।
केस की स्थिति- मुंबई की अदालत में। 8 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी। मानहानि की कार्यवाही जारी रहेगी।



