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कराते खेल में 17 वर्षों से युवाओं को आत्मरक्षा और खेल की दिशा दे रहे विनय गढ़ेवाल

 

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बिलासपुर। ग्राम पंचायत लोखण्डी निवासी विनय गढ़ेवाल पिछले 17 वर्षों से कराते खेल और आत्मरक्षा प्रशिक्षण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहे हैं। वे गोजू रयू कराते में 2nd Dan ब्लैक बेल्ट एवं KIO रेफरी हैं तथा वर्तमान में आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल में कराते प्रशिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कराते के प्रति अपने सफर की शुरुआत करते हुए विनय गढ़ेवाल ने लगभग तीन वर्षों तक मिडिल स्कूल प्रांगण करबला, बिलासपुर में प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के बालक-बालिकाओं और स्कूल के छात्र-छात्राओं को कराते एवं आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना प्रारंभ किया।

24 खिलाड़ी हासिल कर चुके हैं ब्लैक बेल्ट

विनय गढ़ेवाल से प्रशिक्षण प्राप्त कर अब तक जिले के 24 कराते खिलाड़ी ब्लैक बेल्ट हासिल कर चुके हैं। वर्तमान में आधारशिला विद्या मंदिर में 12 खिलाड़ी ब्लैक बेल्ट की तैयारी कर रहे हैं। आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल में अब तक 10 बार कलर बेल्ट परीक्षा आयोजित हो चुकी है। इसके अलावा विद्यार्थियों ने जिला एवं राज्य स्तरीय कराते प्रतियोगिताओं में रायपुर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और भिलाई सहित विभिन्न स्थानों पर हिस्सा लिया है। राष्ट्रीय स्तर पर भिलाई के साथ-साथ रांची, झारखंड में भी खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में भाग लिया है।

हजारों विद्यार्थियों को दिया कराते और आत्मरक्षा प्रशिक्षण

विनय गढ़ेवाल ने अलग-अलग जिलों और स्कूलों में हजारों विद्यार्थियों को कराते एवं आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया है।

कोंडागांव: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित कराते प्रशिक्षण शिविर में लगभग 1000 छात्राओं को प्रशिक्षण दिया।

रायगढ़-तमनार: जिंदल क्षेत्र में लगभग 100 बालक-बालिकाओं एवं 50 महिलाओं को तथा धौराभाठा के सरकारी स्कूल में लगभग 500 छात्राओं को कराते प्रशिक्षण दिया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: मिश्रीदेवी हायर सेकेंडरी स्कूल के लगभग 1500, सारबहरा के 70, खोडरी के 150, सधवानी के 90 तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की लगभग 300 छात्राओं को प्रशिक्षण दिया। मरवाही: कन्या स्कूल में लगभग 200 छात्राओं तथा आसपास के दो स्कूलों में लगभग 500 छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया। जब नागोराव शेष विद्यालय संचालित था, उस दौरान मंगला, लोखण्डी, घुटकु, बिरकोना, सेन्दरी, सकरी, कोनी और बहतराई सहित विभिन्न स्कूलों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत प्रशिक्षण दिया गया।

कोनी क्षेत्र में निशुल्क प्रशिक्षण से खिलाड़ियों को मिली नई पहचान

कोनी शासकीय स्कूल के प्रांगण में निशुल्क कराते प्रशिक्षण शुरू कर करीब 500 से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों ने लगभग सात वर्षों तक ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अनेक पदक एवं उपलब्धियां हासिल कीं। भरनी बटालियन में आयोजित 15 दिवसीय कराते प्रशिक्षण शिविर में भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। वहीं पिछले चार वर्षों से सेन्ट जेवियर्स स्कूल, भरनी के बालक-बालिका हॉस्टल के विद्यार्थियों को कराते प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों ने अनेक पदक हासिल किए हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर कोच के रूप में भी योगदान

विनय गढ़ेवाल स्कूल गेम्स की राष्ट्रीय कराते प्रतियोगिता में कोच के रूप में दिल्ली तक जा चुके हैं। उन्होंने दिल्ली, झारखंड, गुजरात, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कराते प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के साथ सहभागिता की है।

जिला एवं प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारी

विनय गढ़ेवाल ने कराते एसोसिएशन ऑफ बिलासपुर के गठन में प्रमुख भूमिका निभाई और लगातार तीन वर्षों तक इसके सचिव रहे। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ गोजू रयू कराते एसोसिएशन के मुख्य प्रशिक्षक एवं प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित कराते खेल गतिविधियों में लगभग छह वर्षों तक सक्रिय भूमिका निभाते हुए खिलाड़ियों को उपलब्ध सुविधाओं एवं अवसरों का उचित लाभ दिलाने का प्रयास किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण कंट्री क्लब में आयोजित कराते बेल्ट परीक्षा में लगभग 100 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर झारखंड से आए ऑल इंडिया गोजू रयू कराते डू फेडरेशन के मुख्य प्रशिक्षक एवं अध्यक्ष एल. नागेश्वर राव, 8th Dan (जापान) द्वारा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया। विनय गढ़ेवाल ने स्वयं भी एल. नागेश्वर राव से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के कराते प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण लेकर प्राप्त अनुभव को बिलासपुर एवं आसपास के खिलाड़ियों तक पहुंचाने का कार्य किया है।

12 गांवों के खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं से जोड़ा

कोनी क्षेत्र के आसपास के लगभग 12 गांवों के कराते खिलाड़ी लगातार विभिन्न कराते प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पदक प्राप्त कर रहे हैं। इन ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने और उन्हें जिला, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

विनय गढ़ेवाल का कहना है कि कराते केवल पदक जीतने का खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, शारीरिक फिटनेस और आत्मरक्षा का माध्यम भी है। उनका प्रयास है कि बिलासपुर और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक बालक-बालिकाओं को कराते से जोड़ा जाए तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण देकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया जाए। 17 वर्षों के प्रशिक्षण अनुभव में सैकड़ों खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण, हजारों विद्यार्थियों को आत्मरक्षा की शिक्षा तथा अनेक खिलाड़ियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचाने का प्रयास विनय गढ़ेवाल की खेल यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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