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रायपुर में दो दर्दनाक घटनाएं, सात माह भी नहीं रह सके साथ, इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार

 

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रायपुर  खल्लारी में रोपवे हादसे का शिकार हो गया। पत्नी की मौत हो गई और पति गंभीर रूप से घायल है। दोनों की करीब 4 माह पहले ही शादी हुई थी। इसी तरह अमलीडीह में एक दादी की गोद से छूटकर डेढ़ साल का बालक खेलने लगा।

  शहर में दो दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं। राजातालाब का एक परिवार महासमुंद के खल्लारी में रोपवे हादसे का शिकार हो गया। पत्नी की मौत हो गई और पति गंभीर रूप से घायल है। दोनों की करीब 4 माह पहले ही शादी हुई थी। इसी तरह अमलीडीह में एक दादी की गोद से छूटकर डेढ़ साल का बालक खेलने लगा। दादी चंद मिनट के लिए दूसरे कमरे में गई। इतने में बालक पानी की टंकी में गिर गया। इससे उसकी मौत हो गई।

चार माह में ही उजड़ा परिवार

राजातालाब के ऋषभ धावरे की आयुषी से 25 नवंबर 2025 को शादी हुई थी। आयुषी पाटन के स्वामी आत्मानंद स्कूल में शिक्षिका थी। शादी के बाद दोनों की पहली नवरात्र थी। इसलिए देवी दर्शन के लिए ऋषभ अपनी पत्नी आयुषी के अलावा भाई शुभ और बहन शुभी के साथ खल्लारी गए थे। रोपवे हादसे में आयुषी को गंभीर चोटें आईं। उसकी मौके पर मौत हो गई।

ऋषभ और उसके भाई-बहन भी गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें वीवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आयुष और ऋषभ दोनों ने सात फेरे लिए, लेकिन सात माह भी साथ नहीं रह पाए। सोमवार को आयुषी का अंतिम संस्कार है। गंभीर होने के कारण ऋषभ इसमें भी शामिल नहीं हो पाएगा।

रोहित ओर उसकी पत्नी सदमे में

अमलीडीह में रोहित साहू अपने बेटे के लिए मकान बनवा रहा था, लेकिन अनहोनी ऐसी हुई कि उसी मकान में डेढ़ साल के उसके मासूम बेटे की मौत हो गई। वह रोहित का इकलौता संतान था। मौत से पूरा परिवार टूट गया है। रोहित ओर उसकी पत्नी सदमे में हैं। बालक अपनी दादी की गोदी से उतरकर खेल रहा था। चंद मिनट के लिए उसकी दादी दूसरे कमरे में गई और बालक पानी टंकी में जा गिरा।

टंकी में ढक्कन होता, तो नहीं होता हादसा

रोहित संयुक्त परिवार में रहते हैं। वह मंझला है। निर्माणाधीन मकान के एक हिस्से में रहते हैं। बेसमेंट में करीब साढ़े 6 फीट गहरी पानी टंकी बनी है। केवल उसमें ढक्कन नहीं लगा पाए हैं। इस कारण बालक खेलते-खेलते इसमें जा गिरा। टंकी में पानी भरा था। इसमें डूबने से बालक की मौत हो गई। घटना से पूरा परिवार सदमे हैं।

दादी के नहीं थम रहे आंसू

घटना के बाद से बालक की दादी श्यामा बाई की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। वह रह-रह कर दहाड़ मार कर रोती है। वह दिनभर बच्चे को खिला रही थी। घटना से चंद मिनट पहले वह दूसरे कमरे की ओर गई थी। इतनी देर में बच्चा खेलते-खेलते टंकी में जा गिरा।

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