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रायपुर। छत्तीसगढ़ बीज निगम में सचिव पद पर शासकीय नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। तेलीबांधा थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी सुमित महिलांगे (32), निवासी ग्राम जोरा, वर्तमान में शासकीय कृषि महाविद्यालय जगदपुर में अतिथि शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि वर्ष 2024 में जब वे नारायणपुर स्थित शासकीय कृषि महाविद्यालय में अतिथि शिक्षक थे, उसी दौरान उनकी पहचान सहकर्मियों के माध्यम से राधा कश्यप और निशिकांत बेदालकर से हुई।
बड़े अधिकारियों से संपर्क का दावा कर फंसाया जाल में
आरोप है कि राधा कश्यप ने स्वयं को प्रभावशाली संपर्कों वाला बताते हुए निशिकांत बेदालकर से मिलवाया। दोनों ने संयुक्त रूप से यह दावा किया कि उनकी ऊंचे अधिकारियों से गहरी जान-पहचान है और वे छत्तीसगढ़ बीज निगम में सचिव पद पर शासकीय नौकरी लगवा सकते हैं। इसके एवज में प्रति व्यक्ति 15 लाख रुपये की मांग की गई और अग्रिम राशि के तौर पर पांच लाख रुपये देने को कहा गया।
फोन-पे और आनलाइन ट्रांजेक्शन से ली रकम
आरोपितों की बातों में आकर प्रार्थी ने फरवरी और मार्च 2024 के बीच अलग-अलग तारीखों में फोन-पे और आनलाइन माध्यम से कुल पांच लाख रुपये निशिकांत बेदालकर के खाते में ट्रांसफर किए। नौकरी नहीं लगने की स्थिति में रकम वापस करने की गारंटी के तौर पर बिना तारीख का चेक भी दिया गया। करीब डेढ़ साल तक कोई प्रक्रिया नहीं हुई और न ही नौकरी लगी। लगातार टालमटोल के बाद अक्टूबर 2025 में आरोपितों ने करीब दो लाख रुपये वापस किए, लेकिन शेष तीन लाख रुपये देने से साफ इनकार कर दिया।