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अमरकंटक और मंडला को जोड़ने वाले आरएमकेके मार्ग का कायाकल्प अब अंतिम दौर की ओर बढ़ रहा है

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अमरकंटक और मंडला को जोड़ने वाले आरएमकेके मार्ग का कायाकल्प अब अंतिम दौर की ओर बढ़ रहा है। लगभग 650 करोड़ रुपये की इस महापरियोजना के तहत केंदा से केंवची तक की सड़क को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है। इस मार्ग पर चलने वाले यात्रियों को अब विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन इसके साथ ही उन्हें टोल टैक्स का भुगतान भी करना होगा।

छतौना और केंदा के बीच टोल प्लाजा बनाने की तैयारी
विभाग ने छतौना और केंदा के बीच टोल प्लाजा बनाने की तैयारी कर ली है। टोल नाका बनने के बाद अमरकंटक, मंडला, केंदा व पेंड्रारोड जाने के लिए टैक्स देना होगा। आरएमकेके सड़क परियोजना तीन चरणों में पूरी की जा रही है। पहले चरण में रतनपुर से केंदा तक का कार्य जारी है, जिसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य है। दूसरे चरण में केंवची से कारीआम तक की सड़क अक्टूबर तक पूर्ण होगी।
चुनौती पूर्ण तीसरा चरण केंदा से कारीआम के बीच का
सबसे चुनौतीपूर्ण तीसरा चरण केंदा से कारीआम के बीच का घाटी क्षेत्र है। यहां पीडब्ल्यूडी पांच किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाईवे बनाने जा रहा है। अत्याधुनिक इंजीनियरिंग से बनने वाले इस हाईवे के लिए पहाड़ियों को 20 मीटर तक काटा जाएगा ताकि 10 खतरनाक मोड़ों को खत्म कर मार्ग को सीधा किया जा सके।
वाहनों की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटा तक हो जाएगी
एलिवेटेड हाईवे के बनने से वाहनों की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटा तक हो जाएगी, जिससे सफर का समय काफी घट जाएगा। केंदा-कारीआम के बीच पांच किमी लंबा एलिवेटेड हाईवे ऊंचे पिलरों पर टिका होगा। इसे बनाना एक बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती है, क्योंकि दुर्गम घाटी में भारी मशीनरी और कंक्रीट संरचना को खड़ा करना कठिन कार्य है।
219 करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट न केवल सफर सुगम करेगा बल्कि पहाड़ों पर होने वाले भूस्खलन से भी मार्ग को सुरक्षित रखेगा।


