छत्तीसगढ़ का किसान देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़, उसके हितों से समझौता नहीं” – बृजमोहन अग्रवाल

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रायपुर । छत्तीसगढ़ का किसान देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ है और उसके हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। यह कहना है रायपुर सांसद एवं छत्तीसगढ़ भारतीय खाद्य निगम (FCI) परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल का, जिन्होंने एफसीआई की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से एफसीआई के महाप्रबंधक एवं उप महाप्रबंधकों की एक विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों से जुड़े महत्वर्ण मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की और अधिकारियों को स्पष्ट व ठोस दिशा-निर्देश दिए।
रायपुर सांसद एवं छत्तीसगढ़ FCI परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य में धान एवं चावल उठाव, भंडारण और परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु कड़े निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने कहा कि एफसीआई की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए नए गोदामों (Godowns) का निर्माण किया जाए, जिससे धान और चावल के सुरक्षित भंडारण में कोई बाधा न आए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि किसानों के धान उठाव एवं परिवहन में किसी भी प्रकार की रुकावट या अव्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी।
श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि चावल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सैंपलिंग मशीनों के माध्यम से परीक्षण किया जाए, ताकि उत्तम गुणवत्ता का चावल आम उपभोक्ताओं तक पहुंचे।
बैठक के दौरान उन्होंने चावल के उठाव, परिवहन, गुणवत्ता नियंत्रण और संपूर्ण कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए एफसीआई अधिकारियों को स्पष्ट एवं सख्त निर्देश दिए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खरीदी, भंडारण, परिवहन, मिलिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, रेलवे रैक की उपलब्धता, स्टाफ की कमी सहित एफसीआई की पूरी कार्यप्रणाली की बारीकी से समीक्षा की।
राज्य में बिलासपुर मंडल के अंतर्गत 14 जिले, दुर्ग मंडल के 14 जिले और रायपुर मंडल के 5 जिलों में से 4 जिलों को मिलाकर कुल 110 डिपो कार्यरत हैं, जिनमें 21 एफसीआई के स्वयं के तथा 89 किराए के डिपो हैं। उन्होंने जिलेवार प्रोक्योरमेंट का विस्तृत ब्यौरा मांगा और डिपो में जगह की कमी पर गंभीर चिंता जताई



