बिलासपुर में बर्ड फ्लू का प्रकोप… 25 हजार पक्षी जमींदोज, चिकन दुकानों पर जड़ा ताला

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बिलासपुर। बिलासपुर में बर्ड फ्लू के खिलाफ जिला प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग ने अब तक की बड़ी कार्रवाई की है। संक्रमण की चेन को पूरी तरह समाप्त करने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में 25 हजार से अधिक पक्षियों को मारकर सुरक्षित तरीके से जमींदोज कर दिया है। वहीं, कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर कोनी से महामाया चौक तक संचालित आठ पोल्ट्री फार्म और चिकन दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर पूरे क्षेत्र को नो-गो जोन में तब्दील कर दिया है। एहतियातन कानन पेंडारी चिड़ियाघर को सात दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।

कोनी और वेटरनरी कॉलेज में भारी मात्रा में चूजे और अंडे नष्ट
कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में वायरस की पुष्टि के बाद प्रशासन एक्शन मोड में आ चुका है। मंगलवार की देर रात शुरू हुए ‘ऑपरेशन कलिंग’ के तहत न केवल सरकारी फार्म, बल्कि वेटरनरी कॉलेज परिसर को भी सुरक्षा घेरे में लिया गया। यहाँ लगभग दो हजार मुर्गियों को मारकर वैज्ञानिक विधि से दफनाया गया है। तहसीलदार और पटवारियों की संयुक्त टीमें लगातार फील्ड में डटी हुई हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, लगभग 22 हजार चूजे, दो हजार बटेर, 1500 बत्तख और 100 मुर्गियों का वैज्ञानिक निस्तारण किया गया है। इसके अलावा 1500 क्विंटल मुर्गी आहार और 25,896 अंडों को भी नष्ट कर दिया गया है।
25 कर्मचारी क्वारंटाइन और सख्त निगरानी
वायरस की संवेदनशीलता को देखते हुए कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में कार्यरत 25 कर्मचारियों को क्वारंटाइन कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम 24 घंटे उनकी निगरानी कर रही है। कलेक्टर ने 10 किलोमीटर की परिधि को निगरानी क्षेत्र घोषित किया है। एसएसपी रजनेश सिंह ने चेतावनी दी है कि जो भी दुकानदार चोरी-छिपे चिकन या अंडों की बिक्री करते पाए जाएंगे, उन पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही, सोशल मीडिया पर बर्ड फ्लू को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर साइबर सेल की पैनी नजर है।


