IPS अमित कुमार को मिला राष्ट्रपति पदक, गृहमंत्री अमित शाह ने सीबीआई और छत्तीसगढ़ पुलिस में उत्कृष्ट सेवा के लिए किया सम्मानित

सच तक इंडिया रायपुर। छत्तीसगढ़ के खुफिया चीफ आईपीएस अमित कुमार को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें सम्मानित किया है। 1998 बेच के अमित कुमार को यह पदक उन्हें सीबीआई में रहते हुए उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने के लिए दिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उल्लेखनीय है कि एडीजी इंट अमित कुमार राज्य में बेहद काबिल अफसर के रूप में जाने जाते है। एसपी के तौर पर उन्होंने अपनी सेवाएं बीजापुर, राजनांदगांव, जांजगीर चांपा, दुर्ग और रायपुर जिले में दी है। 2011 में रायपुर के पुलिस अधीक्षक रहते हुए उनकी पोस्टिंग सीबीआई में हुई। करीब 12 साल तक वहां रहने के बाद दिसंबर 2023 में वे छत्तीसगढ़ लौटे। आईपीएस अमित कुमार ने देश के चर्चित कोल स्कैम में उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई का नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया था। सीबीआई में उन्होंने ज्वाइंट डायरेक्टर के पद पर भी अपनी सेवाएं दी।

6 जिलों की संभाली कमान
अमित कुमार ने 28 दिसंबर 1998 को आईपीएस की सर्विस ज्वाइन की और उन्हें मध्य प्रदेश कैडर एलॉट किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद अमित कुमार ने छत्तीसगढ़ कैडर चुन लिया। लाल बहादुर शास्त्री प्रशिक्षण अकादमी से ट्रेनिंग खत्म करने के बाद वे छत्तीसगढ़ में 6 जिलों में पुलिस कप्तान रहें। अमित कुमार सबसे पहले नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक बने। जब अमित कुमार बीजापुर के एसपी बने तब नक्सल हिंसा के चलते बीजापुर देश में सुर्खियां बनता था। एसपी बन कर अमित कुमार ने बीजापुर में नक्सलियों पर प्रभावी लगाम लगाया और नक्सली वारदातों में काफी हद तक कमी आई। बीजापुर के बाद अमित कुमार राजनांदगांव के एसपी बने।
वर्ष 2011 में सीबीआई डेपुटेशन पर गए
वे जांजगीर-चांपा, दुर्ग, बिलासपुर,रायपुर जिलों के एसपी रहे। रायपुर के एसपी रहते सन 2011 में अमित कुमार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी की सीबीआई की डेपुटेशन में चले गए। अमित कुमार में सीबीआई में बतौर एसपी जॉइन किया। फिर सीबीआई में रहते हुए ही उन्हें डीआईजी और आईजी तथा एडीजी के पद पर प्रोफार्मा प्रमोशन मिला।



